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एनएचएम की हड़ताल : लेबर रूम की इंडोर लैब बंद, गर्भवतियों की बढ़ी परेशानी

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- मरीजों को मुख्य लैब में टेस्ट करवाने के लिए कतार में करना पड़ रहा इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से छह दिनों से जिला नागरिक अस्पताल के प्रसूति कक्ष में बनी मिनी लैब बंद पड़ी है। जिस कारण प्रसूति कक्ष में दाखिल गर्भवती, जच्चा-बच्चा व शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आने वाले मरीजों को लैब टेस्ट के लिए अस्पताल की मुख्य लैब में कतार में लगकर सैंपल देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रदेश में महज लेबर रूम में मिनी लैब करनाल में ही स्थापित है। जहां पर दाखिल गर्भवतियों, जच्चा-बच्चा व शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आने वाले मरीजों के रोजाना 150 से 200 के बीच में टेस्ट होते हैं। जिन्हें तय समय पर उपलब्ध करवाया जाता है लेकिन एनएचएम की हड़ताल के चलते मिनी लैब बंद पड़ी है। ऐसे में मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए मुख्य लैब में जाना पड़ रहा है। जहां पर मरीजों को खुद ही रक्त परीक्षण करने वाली परख नली लेनी पड़ रही है और उस पर स्वयं ही नंबर लगवाना पड़ रहा है।
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ऐसे में एक मरीज को अपना ब्लड सैंपल देने के लिए कम से कम दो घंटे का समय लग रहा है। लेबर रूम की मिनी लैब ही बंद नहीं बल्कि मुख्य लैब से भी दो एलटी हड़ताल में शामिल हैं। ऐसे में अन्य कर्मचारियों पर वर्क लोड बढ़ रहा है।
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एनएचएम कर्मचारियों की मुख्य मांगें

एनएचएम कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाए। सेवा नियमों में रह गई त्रुटियों व वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए संघ के साथ वार्ता करके उन्हें दूर किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। बॉन्ड प्रथा को समाप्त किया जाए। एनएचएम में कार्यरत जिन-जिन कर्मचारियों पर ड्रेस कोड लागू किया गया है उन्हें वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता दिया जाए आदि।
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