कैथल/पानीपत। कैथल के राजौंद थाना क्षेत्र के एक गांव में समगाैत्र विवाद को लेकर नवविवाहिता को ससुराल में प्रवेश से रोकने का मामला तूल पकड़ गया है। आरोप है कि गांव में पहुंची नवविवाहिता और उसके पति को भीड़ ने विरोध करते हुए धमकियां दीं।
मामले में जनवादी महिला समिति (एआईडीडब्ल्यूए) ने हस्तक्षेप करते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया है। समिति ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दंपती को सुरक्षा देने की मांग की है।
पानीपत जिले की युवती और कैथल जिले के युवक का विवाह दोनों परिवारों की सहमति से हुआ था। शादी के बाद जब नवविवाहिता अपने पति के साथ ससुराल पहुंची तो गांव के घर से करीब 100 मीटर पहले 150 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।
आरोप है कि ग्रामीणों ने गोत्र का हवाला देते हुए युवती को बहू के रूप में स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विरोध कर रही भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने दंपती को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। एक व्यक्ति पर पिस्तौल तानने और कुछ लोगों पर गंडासी व अन्य हथियार लेकर पहुंचने का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि गाड़ी से बाहर निकलने या गांव में प्रवेश करने पर वाहन समेत जिंदा जलाने की धमकी दी गई। इसके बाद चालक गाड़ी को वापस ले गया और नवविवाहित जोड़ा किसी रिश्तेदार के यहां चला गया। इससे पहले दूल्हे के पिता ने बेटे-बहू की सुरक्षा को लेकर पुलिस के अलावा कैबिनेट मंत्री अनिल विज को भी लिखित शिकायत दी थी।