जिला नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर आधुनिक मशीनों से उपचार मिलेगा। जिससे मरीजों को अलग अलग स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन ने ट्रामा सेंटर के लिए अलग अलग से नई सिटी स्कैन मशीन, एमआरआई मशीन की मांगी हैं। इन मशीनों के आने से ट्रामा सेंटर के आने वाले गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। उन्हें रेफर नहीं किया जाएगा। फिलहाल नागरिक अस्पताल में एक सिटी स्कैन मशीन है।
इन सब सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक ने एनसीआर के तहत आने वाले अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं देने व ट्रामा सेंटर में हर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बजट जारी किया है। विभाग की ओर से 14 जिलों में ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक व अन्य जरूरत के उपकरण खरीदने के लिए 26.30 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इनमें करनाल के हिस्से में करीब 2.92 करोड़ रुपये आए हैं। इन रुपयों से ही यह मशीनें खरीदी जाएंगी। इससे अलग अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे अलग ट्रामा सेंटर में कई अन्य मशीनें, उपकरण व सौंदर्यीकरण किया जाएगा
हर रोज ट्रामा सेंटर में आते हैं 200 मरीज
जिला नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पूरे जिले से करीब 200 मरीज आते हैं। इनमें 30 से 40 मरीज गंभीर होते हैं। इनमें से कुछ मरीजों को सुविधाओं के अभाव में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया जाता है। सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को सिटी स्कैन व एमआरआई की आवश्यकता होती है। इस कारण भी मरीजों को नागरिक अस्पताल में इलाज नहीं मिल पाता।
छह बेड का बनाया जाएगा आईसीयू वार्ड
ट्रामा सेंटर में अलग से छह बेड का आईसीयू वार्ड बनाने की भी तैयारी है। ताकि गंभीर मरीजों को ट्रामा सेंटर में ही दाखिल किया जा सके। फिलहाल अस्पताल में आईसीयू वार्ड ओपीडी भवन में है। मरीज को ट्रामा सेंटर से ओपीडी भवन में ले जाना पड़ा है। बनने वाले आईसीयू वार्ड में बेड पर ही वेंटिलेटर होंगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
वर्जन
ट्रामा सेंटर के लिए एमआरआई मशीन, सिटी स्कैन मशीन व छह बेड का आईसीयू वार्ड बनाने की तैयारी है। इसके लिए विभाग से बजट की मांग की हुई है। बजट जारी होते ही इन मशीनों की खरीदारी का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ट्रामा सेंटर में मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. दीपक गोयल, प्रवक्ता, नागरिक अस्पताल करनाल।