शनि महोत्सव में नौ कुंडीय हवन में आहुति डालते श्रद्धालु। स्रोत : समिति
पानीपत। छाया नंदन हे शनि भगवान, कभी होने न दे अन्याय सूर्य के प्यार लला..., तेरी माया का कोई प्रभु पार नहीं पाया, ना जाने तू किस पे कर दे अपनी छाया...और भाग्य बदल देते हो पल में देके प्रभु वरदान। तुम्हारी महिमा न्यारी बड़ी ही मंगलकारी, जय हो शनि देवा...। समेत शनि भगवान के भजनों पर भक्त झूम डठे। शनिवार को आसन कलां गांव स्थित श्री शनि धाम में शनि जन्मोत्सव मनाया गया। हवन के बाद घरौंडा के भजन गायक संदीप शनि सत्संग किया। हर कोई शनि भगवान के भजनों पर झूमने लगे। कार्यक्रम में नौ कुंडीय हवन के बाद भजन सत्संग और 50 पोंड का केक काटकर शनि जन्मोत्सव मनाया गया।
श्री शनि राम समिति के वरिष्ठ सदस्य मदन ने बताया कि 20 साल बाद शनि जयंती और शनि अमावस्या का संयोग शनिवार को बना। मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा, शहरी विधायक प्रमोद विज की पत्नी नीरू विज और उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया रहे। पुजारी गगन ने पूजा अर्चना करवाई। वरिष्ठ सदस्य मदन ने बताया कि मंदिर में पहले भगवान शिव की प्रतिमा थी। अब मंदिर में छह-छह फीट के नौ ग्रह भगवान शिव और उनके परिवार के साथ शुक्र देव, राहु देव और केतु देव की मूर्ति स्थापित की गई हैं। आतिशबाजी के साथ पुजारी गगन ने भगवान शनि देव का केक कटवाया और श्रद्धालुओं में वितरित किया। समापन पर भंडारा लगाया गया। कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र शनि देव की प्रतिमा और भगवान का सजा सुंदर दरबार रहा। अवतार, करतार, मनोज मक्कड़, दीपक बराड़ा, विक्की बतरा, गौरव लिखा, हरीश आनंद व राजू आनंद उपस्थित रहे।
शनि महोत्सव में नौ कुंडीय हवन में आहुति डालते श्रद्धालु। स्रोत : समिति
शनि महोत्सव में नौ कुंडीय हवन में आहुति डालते श्रद्धालु। स्रोत : समिति
शनि महोत्सव में नौ कुंडीय हवन में आहुति डालते श्रद्धालु। स्रोत : समिति
शनि महोत्सव में नौ कुंडीय हवन में आहुति डालते श्रद्धालु। स्रोत : समिति
शनि महोत्सव में नौ कुंडीय हवन में आहुति डालते श्रद्धालु। स्रोत : समिति