करनाल। डीएवी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में दयाल सिंह कॉलेज के इतिहास विभाग के प्रवक्ता डॉ. प्रवीण ढांडा ने शिरकत की। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी क्रांतिकारी सोच, अटूट साहस और दूरदर्शिता से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उनके योगदान से आजादी की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंची और राष्ट्रवाद को नई ऊर्जा मिली। डॉ. प्रवीण ढांडा ने कहा कि नेताजी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विदेशों में रह रहे भारतीयों और युद्धबंदियों को संगठित कर आजाद हिंद फौज का गठन किया और उसका नेतृत्व किया। मौके पर डॉ. सुलोचना नैन, डॉ. मीनाक्षी कुंडू और डॉ. सुनील मौजूद रहे। ब्यूरो