संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गांव शेखुपुरा मंचूरी के किसान काला सिंह के खाते से उनके भतीजे रिछपाल सिंह ने धोखाधड़ी करके 19 लाख रुपये की राशि निकाल ली। आरोप है कि धोखाधड़ी में बैंक का कर्मचारी सुरेंद्र भी शामिल था। मामले में कोर्ट के आदेश पर असंध थाने की जलमाना चौकी में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
किसान के खाते में जमीन अधिग्रहण का पैसा आना था। आरोपी ने बैंक कर्मचारी को घर पर बुलाकर चाचा का खाता खुलवाया। खाते में अपना मोबाइल नंबर दे दिया। इसके बाद बैंक से मिलने वाले एटीएम कार्ड और अन्य सभी कागजात भी खुद के पास रख लिए। पैसा आने के बाद नेट बैंकिंग से कई बार में खाते से 19 लाख रुपये की राशि निकाल ली। जब बुजुर्ग किसान काे इसका पता लगा तो वह शिकायत लेकर असंध थाना पहुंचे। पुलिस ने सिविल का केस कहते हुए केस दर्ज करने से मना कर दिया। अब अदालत के आदेश पर दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि दोनों किसान को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
शेखुपुरा मंचूरी निवासी 62 वर्षीय किसान काला सिंह की जमीन सरकार ने अधिग्रहित की थी। जमीन का पैसा उनको मिलना था। भतीजा रिछपाल एचडीएफसी बैंक जलमाना शाखा के कर्मचारी सुरेंद्र सिंह को लेकर उनके पास पहुंचा। दोनों ने भरोसा दिया कि घर से ही उनका खाता खोल दिया जाएगा। इसके लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं है। वे पूरी प्रक्रिया घर बैठे करवा देंगे।
दोनों 14 सितंबर, 2022 को उनके घर पहुंचे। काला सिंह ने बताया कि वो अनपढ़ हैं और अंगूठा लगाते हैं। किसान काला सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने खाते से संबंधित कई खाली कागजों और फॉर्मों पर उनके अगूंठे लगवा लिए। उनके कागजात थी ले लिए। खाते में मोबाइल नंबर भी आरोपी रिछपाल का दे दिया। आरोपी ने एटीएम कार्ड व अन्य सभी दस्तावेज खुद रख लिए। किसान के खाते में सरकार की ओर से करीब 19 लाख रुपये जमा हुए थे। खाते से सारी राशि निकाल ली गई।
नेट बैंकिंग से निकाला पैसा
किसान काला सिंह ने बताया कि उन्हें लगा कि सारी राशि खाते में ही है। जब उन्हें जरूरत हुई तो उन्होंने खाते की स्टेटमैंट निकलवाई। पता लगा कि आरोपी ने आरटीजीएस, आईएमपीएस व नेट बैंकिंग के जरिए सारी राशि निकाल ली है। वह अनपढ़ हैं और नेट बैंकिंग नहीं कर पाते। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार 14 सितंबर, 2022 से 4 अक्तूबर, 2024 तक यह राशि निकाली है।
तीन जुलाई को किया था कोर्ट में केस
धोखाधड़ी का पता चलने पर काला सिंह ने एसपी करनाल को शिकायत दी। जांच में इसे सिविल मामला बताते हुए संंबंधित अधिकारी ने रिपोर्ट दे दी। इसके बाद किसान ने 3 जुलाई को कोर्ट में केस डाला था। लगातार सुनवाई के बाद अदालत ने 6 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी किए। अब असंध थाना पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद आरोपी भतीजे रिछपाल सिंह और बैंक कर्मचारी सुरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
अदालत के आदेश पर दो आरोपियों रिछपाल और सुरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच करेंगे। उसके बाद ही गिरफ्तारी होगी। -सुल्तान सिंह, पुलिस जांच टीम प्रभारी, जलमाना चौकी
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