करनाल। एनडीआरआई में स्नातकोत्तर की छात्रा काफी समय से मानसिक रूप से परेशान थी। इसकी वजह से वह तीन माह से मेडिकल लीव पर थी। एक सप्ताह पहले छात्रा वापस एनडीआरआई के हॉस्टल में आई।
उसे छोड़ने के लिए उनकी मां भी हॉस्टल आई थीं और दो दिन तक हॉस्टल में ही रुकीं। इसके बाद वह अपने घर यूपी के उन्नाव चली गईं। इसी दौरान छात्रा के साथ हॉस्टल में रहने वाली दूसरी लड़की भी अपने घर बिहार चली गई। इसी बीच अकेली छात्रा ने वीरवार रात हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। थाना सिविल लाइन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। 28 वर्षीय वैशाली पुलिस के मुताबिक, काफी समय से बीमार थी। बताया जा रहा है कि वीरवार को छात्रा अपने अध्यापकों के साथ थी। शाम को मेस से खाना लिया और खाना खाया भी। इसके बाद वापस हॉस्टल में चली गई और रात को फंदा लगा लिया।
शुक्रवार सुबह सहपाठियों ने छात्रा के कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से जवाब नहीं आया। इसके बाद हॉस्टल प्रबंधन को सूचना दी गई। दरवाजा खोला गया तो देखा कि छात्रा ने फंदा लगा जान दे दी थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो