राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल में मुर्राह भैंसों की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। आठ दिन बाद भी बरेली, हिसार और संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम मौत के कारणों को नहीं बता पा रहे हैं। अभी तक संस्थान ने 43 पशुओं की मौत के अलावा प्राथमिक जांच में बैक्टीरियल इंफेक्शन बताया है।
इसके अलावा कामर्शियल लैब की रिपोर्ट में फीड को ओके बताया गया है। दूसरी तरफ इस मामले में इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन फॉर एनीमल प्रोटेक्शन ने करनाल पुलिस को इस मामले की शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। अब वीरवार को दिल्ली के प्रशांत विहार थाने में शिकायत दी जाएगी।
संस्थान ने भैंसों की मौत से जुड़ी कोई जानकारी लीक न हो इसके लिए व्यापक प्रबंध कर दिए हैं। रातोंरात जिस यार्ड में पशु बीमार थे, वहां के कर्मचारियों को बदल दिया है। मृत पशुओं को संस्थान में ही खेतों में जेसीबी से दबाया जा रहा है। कुछ ही भैंसों का पोस्टमार्टम कर इतिश्री कर ली गई है। पशुओं की मौत का सिलसिला रुका नहीं है। बीमार भैंसों को अलग बाड़े में रखा गया है, जहां वे धीरे-धीरे दम तोड़ रही हैं। बुधवार को भी बीमार और संदिग्ध पशुओं के ब्लड सैंपल, चारा और दाने के सैंपल लिए गए।