राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के पशुधन अनुसंधान केंद्र में मुर्राह भैंसों की मौत के मामले में मंगलवार को वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम जांच के लिए पहुंची है। इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट-बरेली से डॉ. रिशेंद्र वर्मा व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी इपीडेमीयालाजी एंड डीजीज इंफार्मेटिक्स-आईसीएआर बेंगलूरू से भी एक वैज्ञानिक जांच के लिए आए हैं। मृत पशुओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, दाना-चारा, शेड व रखरखाव, बीमार पशुओं को दी गई तमाम दवाईयां इत्यादि का आंकलन कर यह टीम किसी नतीजे पर पहुंचेगी। हर बिंदु पर गहराई से जांच की जा रही है। सभी तरह की टेस्ट रिपोर्ट व दाने की जांच रिपोर्ट और अन्य तमाम तरह का रिकार्ड संस्थान से मांगा गया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक ने इतना जरूर कहा है कि यह कोई महामारी नहीं थी। बाकी पूरे आंकलन के बाद ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
संस्थान में मुर्राह दुधारू भैंसों की संदिग्ध बीमारी से मौत हो गई थी। संस्थान ने अब तक चार कटड़ी सहित 46 पशुओं की मौत की पुष्टि की है। आईवीआरआई बरेली व लुवास-हिसार की टीमें पूर्व में जांच कर चुकी हैं। उन्होंने जो सैंपल लिए थे उनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली। यह भी अचरज भरी बात है। मंगलवार को वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने पूरी स्थिति का जायजा लिया। दाना-चारा इत्यादि तमाम पहलुओं पर सवाल-जवाब किए। पूर्व में जो भी जांचें हुई उन सबको एकत्रित किया जा रहा है। जो पशु बीमार हैं उनकी जांच कर आवश्यक सलाह दी गई है।
जांच कर रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. रिशेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह कोई महामारी प्रतीत नहीं होती। मामले की गहराई तक जाएंगे। हर बिंदु पर पूरी गंभीरता से और गहराई जांच की जा रही है। तमाम जांच के बाद निष्कर्ष निकाला जाएगा और पशुओं की मौत के जो भी कारण रहे उन्हें ढूंढा जाएगा। भविष्य में ऐसा ना हो इसको लेकर भी मार्गदर्शन किया जाएगा।