जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन करती जैन साध्वी। स्वयं
करनाल। जैन मंदिर में विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए जैन साध्वी संगीत श्री महाराज ने कहा है कि नवकार महामंत्र सनातन और अविनाशी हैं। इसकी रचना किसी ने नहीं की है बल्कि प्रकृति से उठा धर्म का मूल हैं। इसमें किसी देव या भगवान की आराधना नहीं की हैं। यह पहला मंत्र हैं जो प्राकृत भाषा में हैं। इस बार विश्व शांति के लिए और भाईचारा बढ़ाने के लिए सुबह 6 से साढ़े नौ बजे तक घर-घर में नवकार मंत्र (णमोकार मंत्र) का जाप किया गया। विश्व के 120 से अधिक देशों में इसका जाप हुआ। इसके लिए जीतो अखिल भारतवर्षीय जैसवाल जैन महा सभा सहित जैन समाज के विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस दिवस को मनाया। अशोक जैन, विरेश जैन, अजय कुमार जैन, दिनेश जैन, महाबीर जैन आदि माैजूद रहे। संवाद