माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला प्रशासन एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति का दावा करता रहा लेकिन हालात यह हैं कि 42 गैस एजेंसियों में से 11 ड्राई हो चुकी हैं। इनमें कई एजेंसियों में स्टॉक शून्य है जबकि कुछ एजेंसियों के पास 100 से भी कम सिलिंडर बचे हैं यानी इनका रिजर्व स्टॉक भी खत्म होने को है। इससे उपभोक्ताओं की चिंता लगातार बढ़ रही है।
इस सप्ताह में सप्लाई कम आने की वजह से जिले में निसिंग, असंध, नीलोखेड़ी और करनाल शहर की कई गैस एजेंसियों में आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जहां उपभोक्ताओं को कई दिन तक सिलिंडर नहीं मिल पा रहे। जिले में वीरवार को 14117 घरेलू सिलिंडरों की सप्लाई मिली जबकि बुधवार को वितरण 8715 का हुआ।
जिले में ड्राई होने वाली एजेंसियों में शहीद गैस एजेंसी, असंध गैस एजेंसी, नीलोखेड़ी गैस एजेंसी, सन गैस एजेंसी, भगवाड़िया गैस एजेंसी, अभिनव गैस एजेंसी, ब्रह्मानंद कुटेल, गीतांजलि, जेपी सन्स और विर्क गैस एजेंसी ड्राई हो चुकी हैं। वीरवार सुबह तक जेपी में शून्य, गीतांजलि में नौ सिलिंडर थे। बाकी एजेंसियों में भी संख्या रिजर्व कोटे से भी कम थी जो लगभग ड्राई श्रेणी में हैं।
इंडेन की एजेंसियों पर ज्यादा असर
जिले की 42 गैस एजेंसियों में से करीब 30 इंडेन गैस कंपनी से जुड़ी हुई हैं और सबसे ज्यादा असर भी इन्हीं एजेंसियों पर देखा जा रहा है। सप्लाई बाधित होने के चलते उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और कई जगहों पर बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी हो रही है।
एडवांस भुगतान बना समस्या
गैस कंपनियों ने बढ़ती खपत को देखते हुए सप्लाई पर नियंत्रण करना शुरू कर दिया है। कंपनियों का कहना है कि इस बार उपभोक्ताओं द्वारा जरूरत से ज्यादा सिलिंडर स्टॉक किए जा रहे हैं जिससे असंतुलन पैदा हो रहा है। इसी के चलते अब एजेंसियों को पिछले साल की खपत के आधार पर ही कोटा दिया जा रहा है। दूसरा सबसे बड़ा कारण एडवांस भुगतान का भी सामने आया है। गैस एजेंसी संचालकों की ओर से गैस कंपनियों को एडवांस में भुगतान न करना भी वजह बताया जा रहा है। भुगतान प्रक्रिया में देरी और तकनीकी समस्याओं के कारण समय पर सप्लाई नहीं मिल पा रही है।
वर्जन-
बिना जरूरत न करें स्टॉक : फेडरेशन
कुछ दिनों में सिलिंडरों की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है जिससे स्टॉक तेजी से खत्म हुआ। लोगों को घबराना नहीं चाहिए। ज्यादातर लोग बिना जरूरत के भी सिलिंडर बुक करवा रहे हैं। इनमें से कुछ व्यावसायिक उपयोग के लिए घरेलू सिलिंडर बेच रहे हैं जिससे गैस किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
- सुभाष गर्ग, सदस्य, एलपीजी फेडरेशन
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85 सिलेंडर जब्त, कंट्रोल रूम नंबर जारी
गैस सिलिंडरों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। पीछे से स्टॉक भी आ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार फील्ड विजिट की जा रही है और पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया जा रहा है। गैस की आपूर्ति जिले में सिलिंडरों की कालाबाजारी, जमाखोरी व अनधिकृत प्रयोग को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर रेड की गई जिनमें 85 सिलेंडर जब्त किए गए। नागरिक प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर 0184-2285963 पर संपर्क कर सकते हैं।
- मुकेश कुमार, डीएफएससी, करनाल