करनाल। जिले के सभी खंडों में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर आम जीवन पर कम ही पड़ा। कर्मचारियों की हड़ताल धरने प्रदर्शन तक सीमित दिखाई दी। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर परिवहन सेवाएं सुचारू रहीं। बड़े स्तर पर केवल सफाई कर्मी हड़ताल पर दिखे। इनकी वजह से शहर की सड़कों की सफाई नहीं हो सकी। जबकि हर घर से कूड़ा उठाने का एजेंसी का काम जारी रहा। इनके अलावा आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने भी हड़ताल में भागीदारी की।
बाकी अन्य विभागों के ज्यादातर कर्मचारी कुछ देर तक हड़ताल में हाजिरी लगाने के बाद काम पर लौट गए। इसके अलावा सभी खंडों में किसानों ने हड़तालियों को पूरा समर्थन दिया। शहर में धरना प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी पहले सेक्टर-12 के फव्वारा पार्क में एकजुट हुए इसके बाद सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
इंद्री ब्लॉक में राष्ट्रव्यापी हड़ताल: लेबर कोड्स, बिजली बिल 2025 रद्द करने सहित कई मांगें
इंद्री। केंद्रीय मजदूर व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर एसकेएस (संयुक्त किसान मोर्चा) के नेतृत्व में इंद्री ब्लॉक में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया। सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, इंटक, एटक, एसकेएम, रिटायर्ड कर्मचारी, खेत मजदूर यूनियन, मिड डे मील, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण चौकीदार यूनियन, पशुपालन विभाग, पटवार एवं कानूनगो यूनियन, पंचायत सचिव यूनियन व नगरपालिका कर्मचारियों ने इसमें हिस्सा लिया। इंद्री के डाॅ. भीमराव आंबेडकर हर्बल पार्क में एकत्रित हुए कर्मचारियों ने लेबर कोड, बिजली बिल 2025 व सीड बिल को रद्द करने, अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने, कच्चे कर्मचारियों व परियोजना कर्मियों को पक्का करने, ठेका प्रथा व स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने तथा पुरानी पेंशन बहाली जैसी प्रमुख मांगें उठाई। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए हर्बल पार्क से निकलकर मुख्य बाजार से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। हड़ताल शांतिपूर्ण रही। संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज होगा। संवाद
घरौंडा। केंद्र व प्रदेश सरकार की मजदूर व कर्मचारी विरोधी व नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वीरवार को कई विभागों के कर्मचारी हर्बल पार्क में एकत्रित हुए। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान अंकित राणा, सीटू की नेता सरोज, आशा वर्कर की प्रधान सुरेशो, मिड डे मील की नेता ममता के नेतृत्व में शहर में प्रदर्शन किया।
वीरवार को प्रदर्शनकारियों के संगठन नेताओं ने कहा कि सरकार ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड्स बनाए हैं। उन्होंने कहा कि यह लेबर कोड्स मजदूरों और कर्मचारियों के लिए गुलामी का दस्तावेज हैं। हमेशा के लिए स्थाई नौकरी और रोजगार सुरक्षा को खत्म कर देगा। कार्य दिवस 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने का निर्णय बेहद खतरनाक है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य में अभी तक भी तीस हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग को सरकार स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार बिजली बिल 2025 को लागू बिजली के ढांचे को तहस नहस करना चाहती है। जनता पर आर्थिक बोझ डालना चाहती है। जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार से सीड्स बिल किसानों को कार्पोरेट कंपनियों का गुलाम बनाने का मामला है। सरकारी ओर सार्वजनिक क्षेत्र को बड़े देशी विदेशी कार्पोरेट घरानों को लुटवाया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी भाजपा तहस नहस कर रही है। संवाद
निसिंग में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी
निसिंग। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर खंड स्तरीय कर्मचारियों ने हड़ताल कर श्री सनातन धर्म शिव मंदिर परिसर में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसमें सरकार की नीतियों का विरोध जताते हुए किसान नेता, आंगनबाड़ी वर्कर, बिजली निगम, पब्लिक हेल्थ, आशा वर्कर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, चौकीदार, पटवारी, कानूनगो एसोसिएशन, बैंक व एलआईसी कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए हाथों में बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए व जल्द अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की चेतावनी दी। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल को गंभीरता से नहीं लिया तो आगे का कदम अनिश्चितकालीन हड़ताल होगा।
असंध। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बिजली निगम कार्यालय के प्रांगण में हड़ताल की गई। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। इसकी अध्यक्षता संयुक्त रूप से सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान कैलाश शर्मा, राज्य इकाई सदस्य सीटू कलीराम, सचिव किसान सभा मित्रपाल राणा, खेत मजदूर यूनियन जिला प्रधान शीशपाल व मुख्त्यार सिंह ने की। मंच का संचालन कृष्ण पाई व सुल्तान सिंह ने किया। कर्मचारियों ने कहा कि लेबर कोड को रद्द किया जाए और पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल किया जाए तथा सभी विभागों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। विरोध प्रदर्शन को पूर्व राज्य प्रधान पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन कृष्ण शर्मा, ऑल हरियाणा पॉवर कारपोरेशन वर्कर यूनियन राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेन्द्र सिंह, एडवोकेट कुलदीप सिंह, जोगिंद्र झींडा, पूर्व ब्लॉक प्रधान कर्मबीर शर्मा, कलीराम, नरेश कुमार व शीशपाल ने संबोधित किया। संवाद