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Karnal News: तीसरी आंख की जद में रहेगा राष्ट्रीय राजमार्ग-44

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तीसरी आंख की जद में रहेगा राष्ट्रीय राजमार्ग-44
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- पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 128 सीसीटीवी किए शुरू, नियंत्रण कक्ष में बैठकर पुलिस वाहनों पर रखेगी नजर
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- यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कटेगा चालान, चोरी के वाहन का भी नियंत्रण कक्ष में आएगा अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर अब सख्ती की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-44 पर अंबाला बॉर्डर से सोनीपत के कुंडली बॉर्डर तक अत्याधुनिक तकनीक से लैस 128 सीसीटीवी लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से इस राजमार्ग से गुजरने वाले वाहनों पर हरियाणा पुलिस की कड़ी नजर रहेगी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ऑटोमेटिक तरीके से चालान किए जाएंगे।
करनाल स्थित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं राजमार्ग कार्यालय में शनिवार को पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने इन सभी सीसीटीवी कैमरों को शुरू किया है। इसी कार्यालय में सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। यहीं बैठकर पुलिस वाहन चालकों पर नजर रखेगी। महानिदेशक ने बताया कि हरियाणा पुलिस की ओर से इस राजमार्ग के 19 स्थानों पर 128 सीसीटीवी लगाए गए हैं। इनमें से
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नौ स्थानों पर 72 ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉगनेशन(एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं। 10 स्थानों पर 38 सर्विलांस कैमरे व 18 एविडेंस कैमरे लगाए गए हैं। एएनपीआर कैमरों को हरियाणा पुलिस के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है ताकि वाहनों का पूरा इतिहास प्राप्त किया जा सके। इन कैमरों के संपर्क में आने से चोरी किए वाहनों की भी पहचान हो जाएगी। इसका अलर्ट नियंत्रण कक्ष में पहुंच जाएगा।

10 जिलों में लगाए गए हैं कैमरे
महानिदेशक कपूर ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10 जिलों में इस प्रकार के कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं जिनमें यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, पानीपत, रोहतक, पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद तथा सोनीपत शामिल हैं। इसके अलावा गुरुग्राम जिले में ड्रोन के माध्यम से भी चालान किए जाते हैं ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2023 की अपेक्षा 2024 में सड़क हादसों में 657 की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 279 कम लोगों की मृत्यु हुई है तथा 432 लोग कम घायल हुए हैं। घातक सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी कमी देखी गई है, वर्ष 2023 में जहां 4652 मामले सामने आए थे, वहीं इस वर्ष ये घटकर 4389 रह गए हैं जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.65 प्रतिशत कम हैं। 2024 में हरियाणा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा के 2366 जागरूकता अभियान चलाए गए जिनके माध्यम से 3 लाख 16 हजार 414 बच्चों व अन्य लोगों को जागरूक किया गया। लेन ड्राइविंग नियमों की उल्लंघन करने वाले 386266 वाहन चालकों के चालान किए गए हैं।
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पुलिस पुष्टि करेगी तभी मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
महानिदेशक ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के पालन में हरियाणा पुलिस द्वारा एक नई पहल शुरू की गई है। जिसके तहत अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का शुरुआती गोल्डन आवर में निशुल्क इलाज करवाया जा रहा है। इस योजना के तहत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए प्रत्येक सड़क दुर्घटना के लिए प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का उपचार निशुल्क किया जाता है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया जाता है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा अपने यहां साॅफ्टवेयर में घायल व्यक्ति का डेटा अपलोड करके संबंधित पुलिस थाने में भेजा जाता है जिसके बाद संबंधित पुलिस थाने द्वारा छह घंटे के भीतर पुष्टि की जाती है कि घायल व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हुआ है अथवा नहीं। पुष्टि होने के उपरांत घायल व्यक्ति को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है।
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