देश की एकता एवं संस्कृति के अनूठे संगम हारमनी 2015 और दिवाली के अवसर पर
लगाए गए व्यापार मेले ड्रीम्ज 2015 के समापन के मात्र तीन दिन शेष बचे
हैं, लेकिन हर दिन कुछ नई टीमों का इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में भाग लेने
के लिए आगमन हो रहा है।
शुक्रवार को नागपुर, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश के कलाकार
निफा के निमंत्रण पर करनाल पहुंचे। 7वें दिन की सांस्कृतिक शाम का उद्घाटन
मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने किया। अध्यक्षता स्वामी धर्मबंधु
ने की। ओएसडी ने निफा की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देश की
एकता व अखंडता को कायम रखने के प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम अध्यक्ष
स्वामी धर्मबंधु व विशिष्ट अतिथि डा. कुलभूषण मेहता ने भी देशभर से आए
कलाकारों का शहर की जनता की ओर से स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में
आज सबसे विशेष प्रस्तुति असम के सूत्रधार ग्रुप द्वारा समाज में हिजड़ों की
दशा पर आधारित नाटक की रही। गौरव हजारिका की ओर से निर्देशित इस नृत्य
नाटिका ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके अतिरिक्त सुनमना के
केरला लोक नृत्य, छत्तीसगढ़ के लोक एवं शास्त्रीय नृत्य, पीपल फाउंडेशन
मणिपुर, कथक डांस अकादमी नागौर राजस्थान, नृत्यांजलिका केंद्र व नटराज कला
केंद्र असम, ताल डांस अकादमी छत्तीसगढ़ के साथियों ने एक के बाद एक अपनी
शास्त्रीय, लोक एवं माडर्न डांस की धुआंधार प्रस्तुतियां दी और करनाल के
लोगों को अंगुलियां दांतों तले दबाने को मजबूर कर दिया।
शहरवासी नौ दिवसीय
हारमनी व ड्रीम्ज 2015 कार्यक्रम से लोक कला के विभिन्न रूपों से रूबरू हो
रहे हैं, वहीं परिवार व बच्चों के साथ जमकर मौज मस्ती भी कर रहे हैं। निफा
अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु का कहना है कि आने वाले समय में वे इस
सांस्कृतिक सूरजकुंड की तर्ज पर हरियाणा की पहचान बनाएंगे। उन्होंने
बताया कि हारमनी जहां देश विदेश की संस्कृति को एक सूत्र में पिरोने का काम
कर रहा है, वहीं करनाल के विद्यार्थियों के टैलेंट को निखारने में भी
महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज इसी कड़ी में स्मार्ट सिटी करनाल में
शिक्षा प्रणाली पर विद्यार्थियों द्वारा लेख लिखने की प्रतियोगिता करवाई
गई। 15 स्कूलों के 75 विद्यार्थियों ने भाग लेकर स्मार्ट सिटी बनने पर
करनाल की
शिक्षा पद्धति कैसी हो विषय पर अपनी सोच को कागज पर उतारा। इन लेखों का निरीक्षण कर विजेताओं को कल पुरस्कृत किया जाएगा।