मेरा पेट मेरा दोस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर की शिव कॉलोनी निवासी मुस्कान ने बताया कि चुन्नू जब 10 दिन का था, तब वह इसे मौसी के घर से लाई थी। अब ये दो साल का हो गया है। चुन्नू अब परिवार का दुलारा बन गया है। परिवार का कोई सदस्य जब भी बाहर से आता है, सबसे पहले चुन्नू को ही पुकारता है। वह आवाज सुनते ही दौड़कर पास में आकर चक्कर लगाने लगता है।
मुस्कान बताती हैं कि चुन्नू किसी को काटता नहीं है। इसे गेंद के साथ खेलना बहुत पसंद है। हम गेंद को दूर फेंक देते हैं और फिर उसे लेकर आने को कहते हैं तो ये तुरंत उसे लेकर आता है। चन्नू को खाने में टमाटर, गाजर बहुत पसंद है। हड्डी वाले बिस्कुट भी चाव से खाता है। इसे मांसाहार भी बहुत पसंद है। इसके लिए हफ्ते में तीन दिन चिकन लाकर खिलाते हैं। ये पूरे घर में घूमता रहता है। कभी बांध कर नहीं रखते हैं। यह किसी को काटता नहीं है। इसे सभी प्रकार के टीके लगवा दिए हैं। मुस्कान के अनुसार चुन्नू के रहने से घर में खुशी का माहौल रहता है। यह पग नस्ल का है। यदि घर से बाहर चला भी जाता है तो कुछ समय में लौट आता है।