दो साल पहले सदर बाजार में लाखों रुपये की मूर्ति लूटने व हत्या के मामले में भगौड़े घोषित अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। काबू किए गए आरोपी पूर्व में सेना में हवलदार था और हेमर थ्रो का नेशनल स्तर का खिलाड़ी है। आरोपी मूल रूप से रोहतक के गांव गरनावठी का रहने वाला है और फिलहाल रोहतक की डेयरी कॉलोनी में रह रहा था। सिटी थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2014 में सदर थाना बाजार निवासी दुकानदार सूरजप्रकाश ने नीलम रत्न जड़ित एक मूर्ति लेकर आया था और उसे बेचने के लिए उसने इंटरनेट पर डाल दिया। इस पर कुछ बदमाशों ने मूर्ति को खरीदने के लिए उससे संपर्क साधा और मूर्ति लेने की इच्छा जताई।
दोनों पक्षों में 12 लाख रुपये में सौदा तय हो गया। चार बदमाश मूर्ति खरीदने के लिए करनाल सदर बाजार पहुंचे और मूर्ति मंगवाने के लिए कहा। दो बदमाश बाहर खड़े रहे, जबकि दो अंदर बैठ गए। दुकानदार ने अपने दामाद राजन से मूर्ति मंगवाई, जैसे ही राजन मूर्ति लेकर दुकान के अंदर घुसा तो चारों बदमाश अंदर घुस गए और पहले उनको 12 लाख रुपये दिखाए और मूर्ति छीन ली। बदमाशों ने दोनों के साथ मारपीट की और आरोपियों ने चाकू से राजन पर वार कर दिए। बाद में आरोपी मूर्ति लूटकर फरार हो गए। वारदात के कुछ दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को काबू कर लिया था और मूर्ति भी बरामद कर ली थी।
इस मामले में मुख्य आरोपी शमशेर उर्फ फौजी मुख्य आरोपी था, वह तभी से फरार था और फिलहाल डेयरी कॉलोनी रोहतक में रह रहा था। अदालत ने शमशेर को भगौड़ा घोषित कर दिया था। सिटी थाना पुलिस ने आरोपी को रोहतक से काबू कर लिया है। थाना प्रभारी मोहन लाल ने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है। शमशेर पहले सेना में था और पूर्व में गोला फेंक में नेशनल स्तर का खिलाड़ी है।