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प्रिंसिपल रितु छावड़ा हत्याकांड का आरोपी छात्र दोषी करार, 28 को सुनाई जाएगी सजा

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murder accused convicted - फोटो : Yamuna Nagar
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थापर कॉलोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रितु छाबड़ा की गोलियां मारकर हत्या करने वाले 12वीं कक्षा के छात्र शिवांश को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जबकि आर्म्स एक्ट में उसके पिता रणजीत उर्फ संजय को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला एडीजे पायल बंसल की कोर्ट ने मंगलवार को सुनाया। दोषी शिवांश को 28 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। करीब दो साल तक चली सुनवाई के दौरान कुल 16 लोगों की गवाही हुई।
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शहर के पुराना हमीदा निवासी शिवांश थॉपर कालोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा का कामर्स विद इक्नोमिक्स का छात्र था। 20 जनवरी 2018 की सुबह वह अपने घर की अलमारी रखी पिता का लाइसेंसी लोडिड रिवाल्वर व कुछ कारतूस चुराकर घर से निकला। कपड़ों में रिवाल्वर छिपाकर स्कूल में पहुंचा। इक्नोमिक्स की प्रोजेक्ट फाइल लेकर शिवांश प्रिंसिपल रीतु छाबड़ा के ऑफिस में घुस गया। यहां प्रिंसिपल ने उसकी प्रोजेक्ट फाइल लेने से मना कर दिया। इसके बाद वह वापस लौटने लगा। ऑफिस के दरवाजे पर जाकर वापस मुड़कर उसने प्रिंसिपल रितु छाबड़ा पर ताबड़तोड़ चार फायर किए। इसमें से एक गोली रितु छाबड़ा की छाती, एक माथे और दो गोलियां बाजू में लगी। जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद छात्र वहां से फरार हो गया। करीब सौ मीटर दूर जीएनजी स्कूल के नजदीक कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया था और उसकी पिटाई की थी। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी छात्र शिवांश के खिलाफ हत्या और उसके पिता रणजीत उर्फ संजीव के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया था कि छात्र को प्रिंसिपल आवारागर्दी करने पर डांटती थी। यह बात उसे अच्छी नहीं लगती थी। इसलिए उसने प्रिंसिपल को स्कूल में घुसकर गोलियां मारी थी।
करीब दो साल तक चली सुनवाई के दौरान इस केस में कुल 16 लोगों की गवाही हुई। इसमें स्कूल चौकीदार, टीचर समेत अन्य स्टाफ और भागते समय छात्र को पकड़ने वाले व्यक्ति की गवाही हुई। इस मामले में भागते समय छात्र को पकड़ने वाला गवाह कोर्ट में बयानों से मुकर गया था। लेकिन जब पीड़ित पक्ष के वकील ने कोर्ट में उसे छात्र के पकड़ने की फोटो और वीडियो दिखाई तो उसने कहा था कि फोटो में वही है। इसके अलावा इस केस में कोई गवाह नहीं मुकरा। सभी ने प्रिंसिपल के पक्ष में बयान दिए।
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प्रिंसिपल रितु छाबड़ा का हत्यारा शिवांश बॉलीबुड में हीरो बनने की चाहत रखता था। प्रिंसिपल की हत्या करने से मात्र दस दिन पहले ही वह बालिग यानि 18 साल का हुआ था। 10 जनवरी 2018 को उसके 18वें जन्मदिन पर उसके पिता ने उसे बुलेट दी थी। इस दौरान उसने पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख का 18वें च मुंडा बदनाम हो गया गाना की डबिंग वीडियो बनाकर सोसल मीडिया पर डाली थी। प्रिंसिपल मर्डर के बाद शिवांश का यह वीडियो खूब वायरल हुआ था। इस वीडियो में लोगों ने शिवांश के बारे में लो हो गया बदनाम जैसे कॉमेंट तक लिखे थे।
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