जाट समुदाय की ओर से आरक्षण की मांग को लेकर दिए गए अल्टीमेटम के बाद प्रदेश सरकार पूरी तरह से सजग है। जिसको लेकर मूनक हेड पर बीएसएफ की टुकड़ी तैनात कर दी गई है। बीएसएफ के जवान मूनक हेड से पिचौलिया हेड तक लगातार पेट्रोलिंग कर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, संभावित आंदोलन को देखते हुए बीएसएफ ने मूनक हेड पर मोर्चे बना लिए हैं। हालांकि, समुदाय के लोगों ने क्षेत्र में कोई प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन उसके बावजूद जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा।
रविवार को जाट समुदाय ने शांतिपूर्वक धरने प्रदर्शन का अल्टीमेटम सरकार को दे दिया था। जिसको लेकर प्रदेश सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में बीएसएफ की कंपनियों को तैनात कर दिया गया था। जहां मूनक हेड पर बीएसएफ के डीएसपी काली चंद्र की देखरेख में 80 जवानों की एक कंपनी को तैनात किया गया था, वहीं पुलिस प्रशासन अपने गुप्त सूत्रों के जरिये जाट समुदाय के गांवों पर नजर बनाए हुए थे। बीएसएफ ने अपने कई जवानों को गुप्त स्थानों पर तैनात किया हुआ था। जवान नहर के किनारे व छतों पर डटे हुए थे।
मूनक हेड संवेदनशील क्षेत्र
फरवरी में जाट आरक्षण के दौरान मूनक नहर पर हजारों प्रदर्शनकारी एकत्रित हो गए थे और मूनक नहर का पानी एस्केप नहर मे डायवर्ट कर दिया था। बता दें कि मूनक नहर का पानी दिल्ली की जनता की प्यास बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। मूनक नहर से पानी डायवर्ट होने के कारण दिल्ली में पानी का संकट गहराया गया था। इसके चलते मूनक हेड पर सीआरपीएफ के साथ भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
स्थिति नियंत्रण में
बीएसएफ के इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह ने बताया कि मूनक हेड पर बीएसएफ के जवानों को तैनात किया गया। इसके साथ ही मूनक हेड से पिचौलिया हेड तक पेट्रोलिंग के लिए जवानों की ड्यूटियां लगाई है। अभी तक भी यहां पर कोई सस्पेक्ट दिखाई नहीं दिया है। मूनक हेड पर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।