करनाल शहर में विकास के मुद्दों पर तीन माह बाद मंगलवार को हुई नगर निगम के हाउस की बैठक में प्रस्तावित सभी 16 मुद्दों पर पार्षदों ने मुहर लगा दी है। इसी के साथ ही शहर में वर्षों से अटके करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद जगी है। दो घंटे तक चली हाउस की बैठक में कुछ मुद्दों पर पार्षदों ने समीक्षात्मक विरोध भी जताया, लेकिन निगम अधिकारियों ने उन मुद्दों को प्रोसीडिंग के मुताबिक उचित ठहराते हुए पार्षदों को पारित करने के लिए राजी किया। इसके अलावा पार्षदों ने ऑउट ऑफ एजेंडा के भी तीन मुद्दों पर मुहर लगाई।
निगम सदन की बैठक में 15 पार्षदों ने हिस्सा लिया और करोड़ों रुपये के 16 मुद्दों को पारित कर दिया। हालांकि पार्षदों ने शहर में हो रहे विकास कार्यों की धीमी गति व अधिकारियों की लापरवाही से हो रहे फर्जीवाड़े पर नाराजगी भी जाहिर की। बैठक में सभी पार्षदों ने शहर में लगे अवैध होर्डिंग में करोड़ों रुपये की हेराफेरी होने का आरोप लगाया। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर शहर को होर्डिंग मुक्त करने की मांग की। इसके अलावा शहर के विभिन्न वार्डों में करोड़ों रुपये की लागत से लगी हाई मास्ट लाइटों के खराब होने पर पार्षदों ने अधिकारियों पर ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर नकली लाइटें लगवाने का आरोप लगाया। इसकी जांच किसी अन्य विभाग के तकनीकी अधिकारियों से पार्षदों की मौजूदगी में करवाने की मांग की। इसके अलावा शहर में वर्षों से निगम की जमीन पर कब्जा जमाए बैठे दुकानदारों व लोगों को वह जमीन कलेक्टर रेट पर देने के निगम के फैसले पर भी पार्षदों ने आपत्ति जताई। हालांकि ज्यादातर पार्षदों ने इस प्रस्ताव में अपनी सहमति जताते हुए पारित कर दिया।
पार्षदों ने इस मुद्दों पर लगाई मुहर
हाउस की बैठक में 16 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। पहले प्रस्ताव में पहली बैठकों में पारित हुए मुद्दों की समीक्षा की गई। शहर में विकास कार्यों की धीमी गति के चलते ज्यादातर पार्षदों ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए विकास कार्यों में गति लाने की मांग की। दूसरे प्रस्ताव में डेयरी शिफ्टिंग के मामले में पार्षदों ने जमीन के रेट को कम कर अधिक से अधिक लोगों के इसका फायदा पहुंचाने के मुद्दे पर मुहर लगाई। डाकखाना रोड से पहलवान चौक की तरफ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ बनी डेंटिंग-पेंटिंग मार्केट को स्थानांतरित करने, मेरठ रोड पर छह सेक्टर चौक से शुगरमिल तक स्ट्रीट लाइटें लगवाने व सुभाष मार्केट में पांच दुकानें के पीछे खाली पड़ी नगर निगम की जमीन को लीज पर देने के मामले में पार्षदों ने सहमति जताई है।
सेक्टर-32 व 33 स्थित नरसी विलेज को निगम में शामिल करने व पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट को पीपीपी मोड में लागू करने पर मुहर लगाई है। प्रस्ताव आठ में शहर के सभी वार्डों के साझा प्रोजेक्ट को शामिल किया गया। इसमें शहर की सफाई व्यवस्था, भवनों का निर्माण, निगम के गांवों में राजस्व की शर्तें, ग्रामीणों को दिए गए 100-100 वर्ग गज के प्लॉटों की निशानदेही, शहरी वैध-अवैध कॉलोनियों में पानी की व्यवस्था, निगम के गांवों में सड़कों की इंटर लॉकिंग जैसे मुद्दों पर मुहर लगाई है।
करोड़ों की खराब लाइट मामले की हो जांच
निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइटें व हाई मास्ट लाइटें लगाई थीं, लेकिन लाइटें लगाने के दो माह के बाद ही सभी वार्डों में से करीब 90 फीसदी खराब हो गईं। पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर नकली लाइट लगवाने का आरोप लगाया है। पार्षदों ने इस मामले की जांच किसी अन्य विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ से पार्षदों की देखरेख में करवाने की मांग की है। निगम ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन करने की बात कही है। इसमें अन्य विभागों के दो कर्मचारी, दो पार्षद और एक निगम अधिकारी को शामिल किया जाएगा। जो मामले की जांच करने के बाद निगम को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
हाउस टैक्स के बिल ठीक करवाने की मांग
उपभोक्ताओं को भेजे गए गलत हाउस टैक्स बिलों पर पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निगम सबसे पहले उन बिलों को ठीक करवाए। हर रोज सैकड़ों लोग बिल लेकर उनके घर पहुंच रहे हैं, अब तो उन्हें लोगों से मिलने भी शर्म आने लगी है। गलत बिलों को ठीक करवाने के लिए लोगों को बार बार निगम कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और कार्यालय में भी उन लोगों को सुनने वाला कोई नहीं है।
कलेक्टर रेट पर जमीन देने का प्रस्ताव पास
निगम की हाउस की बैठक में निगम की जमीन पर वर्षों से कब्जा जमाए बैठे लोगों को वहां से हटाने की बदले में दूसरी जगह पर कलेक्टर रेट पर जमीन देने के निगम के प्रस्ताव पर कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई। वार्ड-1 पार्षद राकेश कुमार ने कहा कि यदि ऐसे ही कब्जेधारियों को कलेक्टर रेट पर जमीन देते रहे तो एक दिन निगम की सारी जमीन बिक जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि निगम को जमीन बेचनी भी तो उसे खुली बोली के आधार बेचा जाए ताकि निगम को अधिक राशि मिल सके। हालांकि, ज्यादातर पार्षदों ने निगम प्रस्ताव के पक्ष में अपना मत देकर इस मुद्दे को पारित कर दिया।
लाइन पार क्षेत्र में बनेगा 25 बेड का अस्पताल
हाउस की बैठक में निगम पार्षदों ने वार्ड-19 पार क्षेत्र में 25 बेड का एक अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे लाइन पार क्षेत्र की 25 कॉलोनियों में रहने वाले करीब एक लाख लोगों को फायदा होगा। इससे छोटी मोटी बीमारी के दौरान उन्हें कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाइन पार क्षेत्र की यह वर्षों पुरानी मांग है, जिसे हाउस की बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है।