माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। माघ माह के कृष्णपक्ष की चतुर्थी व सकट चौथ व्रत मंगलवार को है। इस दिन माताएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए श्रीगणेश का उपवास रखती हैं। इसके लिए माताओं ने बाजार से गणेश भगवान की प्रतिभा व अन्य सामान की खरीदारी भी कर ली हैं। माताएं शुभ मुहूर्त में कथा सुनेंगी और शाम को विधिपूर्वक व्रत का पारण करेंगी।
ज्योतिषाचार्य मांगेराम शास्त्री और विनोद शास्त्री ने कहा कि इस व्रत को सकट चौथ या तिलकुट व्रत भी कहा जाता है। यह व्रत हर साल माघ माह के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। सकट चौथ का व्रत विशेष रूप से माताएं पुत्र की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से रक्षा के लिए रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत करने से गणेश भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्तों के विघ्न दूर कर उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजा, उपवास करने के साथ सकट चौथ की कथा को सुनना और कहना चाहिए। बिना कथा के व्रत अधूरा रहता है।
- पूरा दिन ही कथा श्रवण के लिए शुभ
ज्योतिषों के अनुसार, इस दिन माताएं पुत्र की लंबी आयु की कामना करते हुए पूरा दिन व्रत करती हैं और दोपहर बाद कथा सुनती हैं। इस साल पूरा दिन ही कथा सुनने व कहने के लिए शुभ है। इसलिए माताएं किसी भी समय कथा सुनकर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकती हैं। इस दिन श्रद्धानुसार तिल के लड्डू, फल आदि का दान करना चाहिए क्योंकि तिल के लड्डू व मोदक गणेश भगवान के प्रिय हैं।