करनाल जिले में इस बार मानसून का शानदार आगाज हुआ है। एक जुलाई से ही देर रात को शुरू हुआ बारिश का सिलसिला अभी तक जारी है। जिले में पिछले दो दिनों में 71.2 एमएम बारिश हुई है। तापमान में गिरावट के चलते लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं सड़कों पर जलभराव होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मानसून की पहली बारिश ने ही निगम के दावों की पोल खोल दी है। कॉलोनियों में जमा पानी की वजह से लोगों का जीना दूभर हो गया है। वहीं मौसम विभाग की माने तो अभी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने इस बार अच्छी बारिश की होने की भविष्यवाणी की है। जुलाई की शुरुआत से ही जिस प्रकार बारिश शुरू हुई है, इससे प्रतीत होता है कि इस बार बारिश के सभी रिकॉर्ड टूटने की संभावना है। जिले में पिछले दो दिनों में 71.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस वर्ष में बारिश आंकड़ा 208.2 एमएम तक पहुंच गया है। बारिश की वजह से शहर का पारा भी औसतन 42.0 डिग्री से लुढ़ककर 28.0 डिग्री तक पहुंच गया है।
इससे लोगों को काफी हद तक गर्मी से राहत मिली है, लेकिन मानसून सीजन को लेकर तैयारियों के दावे करने वाले निगम की पोल खुल गई है। शहर की शायद ही कोई ऐसी सड़क या कॉलोनी हो, जिसपर पानी जमा न हुआ है। पानी की निकासी न होने की वजह से करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों का टूटना भी तय है। इसके अलावा बारिश की वजह से शहर की बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है। शहर के दर्जनों फीडर बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधूरे निर्माण कार्य सबसे बड़ी परेशानी
मानसून का आगाज तो बेहतरीन हुआ है, लेकिन अधूरे इंतजाम लोगों के लिए परेशानी बन गए हैं। शहर की मुख्य सड़क अंबेडकर चौक से अग्रसेन चौक तक का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा लिबर्टी चौक से अग्रसेन चौक व पुरानी सब्जीमंडी की सडक़ों का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। शहर के मुख्य बाजारों में भी कई जगह पर नालों व निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसकी वजह से पूरा शहर कीचड़ में धंस गया है। शहरी के निचले क्षेत्र में तो बाढ़ जैसी स्थित उत्पन्न हो गई है। शहर में विकास नगर, रामनगर, प्रेमनगर, जुंडला गेट, बांसो गेट आदि दर्जनों कॉलोनियों में जलभराव होने की वजह से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।