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Karnal News: नमी बना खरीद में बाधा, ढेरियों पर पहरा देना बना मजबूरी

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नई अनाज मंडी में पहुंची धान की सफाई करते मजदूर। संवाद
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करनाल। सोमवार को हुई बारिश के बाद धान में नमी की मात्रा बढ़ने से अनाज मंडी में सरकारी खरीद प्रभावित हो गई है। वीरवार को मंडी पहुंचे किसानों के धान में नमी की मात्रा 24 से 26 प्रतिशत तक दर्ज की गई। निर्धारित मानक से अधिक नमी होने के कारण ज्यादातर किसानों का धान नहीं बिक पाया। इससे किसानों को ढेरियों के पास ही रुककर पहरा देना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण धान में नमी बढ़ना स्वाभाविक है, ऐसे में खरीद एजेंसियों को किसानों की परेशानी को देखते हुए खरीद प्रक्रिया में राहत देनी चाहिए।
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बारिश के बाद मंडी में पहुंच रहे धान को पहले सुखाने का काम किया जा रहा है। किसान धान की ढेरियों को फैलाकर और पलटकर नमी कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद मौसम में नमी होने के कारण धान जल्दी सूख नहीं पा रहा। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि जिले की विभिन्न मंडियों में 24633 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 56 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 48 व हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा 60 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।


1509 और पीआर की स्थिति
मंडी में वीरवार को 1509 किस्म के धान के 94 और पीआर किस्म के 180 किसानों के गेट पास काटे गए। हालांकि, अधिक नमी के कारण कई किसानों की उपज की खरीद आगे नहीं बढ़ सकी। अब तक जिले में 1509 किस्म के धान की कुल 1,64,887.3 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है, जबकि पीआर धान की 1,300.2 मीट्रिक टन खरीद दर्ज की गई है। मंडी में धान की आवक लगातार जारी है।
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किसानों की परेशानी समझे सरकार-
- बारिश होने के बाद खेतों में खड़ी फसल में पानी भर गया था जो धीरे-धीरे सूख रहा है। इस कारण धान में नमी की मात्रा बढ़ जाती है। सरकार किसानों की परेशानी समझे और धान की खरीद जारी रखे।
-कुलदीप, किसान
- मंडी में फसल लेकर पहुंचे तो नमी की मात्रा 25 प्रतिशत मिली। सरकारी एजेंसियों ने धान खरीदने से इन्कार कर दिया। अभी फसल को सुखाने के लिए डाला गया है। रात को मंडी में ही रुकना पड़ेगा।
-प्रताप, किसान
- सरकारी एजेंसियां नमी का हवाला देकर धान खरीदने में आनाकानी कर रही हैं। किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। मंडी में पड़े धान का पहरा दें या खेतों में काम करें। सरकार धान खरीदे।
-प्रदीप, किसान
- सरकार से खरीद शुरू होने से पहले ही नमी में छूट देने की मांग की थी। इसका खामियाजा किसानों को अब उठाना पड़ रहा है। बारिश के कारण नमी बढ़ने पर सरकार को धान खरीदना चाहिए। - अशोक, किसान

धान में नमी की मात्रा 24 से 26 प्रतिशत आ रही है। निर्धारित मानक से अधिक नमी होने के कारण धान की खरीद नहीं की जा रही है। किसानों को मंडी में ही धान सुखाने के लिए कहा गया है। धान सूखने के बाद खरीद की जाएगी।
-सुनील ढुल, मंडी सुपरवाइजर
हड़ताल पर आढ़ती, तीसरे दिन भी नहीं हुई खरीद
इंद्री। अनाज मंडी में आढ़तियों की हड़ताल के कारण धान की सरकारी खरीद तीसरे दिन भी ठप रही। आढ़तियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पिछले सीजन का बकाया आढ़त नहीं मिलता, वे खरीद में सहयोग नहीं करेंगे। आढ़तियों का आरोप है कि पिछले सीजन का कमीशन और अन्य बकाया भुगतान समय पर नहीं हुआ है, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। किसान राम सिंह ने बताया कि फसल को मंडी तक लाना पहले ही मुश्किल है, अब बिक्री न होने से नुकसान की आशंका है। वहीं, राइस मिलर संगठन के प्रधान शगुन ने बताया कि राइस मिलर्स मंडी में आकर खरीद नहीं करेंगे। संवाद
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