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छह दिन में दो सगे भाईयों ने कार के पहियों से बनाई मॉडर्न साईकिल

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राम नगर के रहने वाले 19 वर्षीय साहिब सिंह और 16 वर्षीय जसमीत सिंह ने अपने हुनर से कमाल कर दिखाया। दिमाग लगाया और वेस्ट को बेस्ट बनाते हुए कार के पहियों से मॉडर्न साइकिल तैयार कर दी। वो भी महज छह दिनों में। दोनों सगे भाई हैं। अब जब लगन के साथ कुछ नया करने की ठान ही ली थी, तो वेल्डर पिता के वेल्डिंग के सामान का भी अच्छा प्रयोग किया। रोजाना तीन घंटे की मेहनत के बल पर नई साइकिल बना डाली। जिसे देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि इसे 12वीं साहिब और 10वीं कक्षा के छात्र जसमीत ने बनाया है।
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साहिब सिंह ने बताया कि साइकिल को बनाने में करीब 12000 का खर्चा आया। सबसे खास बात है कि इसमें साइकिल के रिम की जगह कार के पहिए का इस्तेमाल किया गया है। बनाने के लिए दुकान से पुराने पहिए खरीदे। इन पहियों से साइकिल आसानी से चलती है ज्यादा फोर्स भी नहीं लगाना पड़ता। इसमें कई ऐसे मैटेरियल इस्तेमाल किए हैं जो वेस्ट या पुराने हैं। साइकिल की सीट और हैंडल पुरानी साइकिल के हैं। साइकिल की बॉडी को बनाने में मेहनत लगी क्योंकि लोहे के अलग अलग भागों को एक साथ जोड़ा गया है। स्टैंड खुद ही बनाया। साइकिल में बैरिंग और गियर नए खरीद कर लगाए हैं। उनकी बनाई हुई साइकिल बाकी साइकिल जैसी दिखने में नहीं हैं पर स्टेबल है और लंबे समय तक अच्छी चल सकती है।
टिक-टॉक से आया आयडिया
छोटे भाई जसमीत ने बताया कि उन्हें ये आइडिया टिक-टॉक से आया। दरअसल एक वीडियो में युवक ने वेस्ट मैटेरियल इस्तेमाल कर के साइकिल बनाई थी। बस वहीं से जसमीत ने भी साइकिल बनाने की सोची और इसका आइडिया बड़े भाई से शेयर किया। पहले वे कुछ और मशीन बनाने की सोच रहे थे, लेकिन वीडियो देखने के बाद उन्हें लगा कि इसे तैयार कर के अपनी एनर्जी से ही चलाया जाएगा और अपने ही काम आएगी। साथ ही साइकिल सेहत के लिए फायदेमंद होती है और इसके इस्तेमाल में खर्चा भी नहीं आता है।
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मैकेनिकल इंजीनियर बनने का है इरादा
साहिब ने बताया कि 12वीं पास करने के बाद से ही वे अपने पिता के साथ दुकान पर सीखने के लिए काम करने लगे थे। वे इसी कार्य में हुनर आजमाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में रुचि है और वे बनने की पूरी कोशिश करेंगे। छोटे भाई जसमीत के लिए पिता और बड़ा भाई प्रेरणा रहे हैं। अभी वो 10 वीं में है लेकिन वह चाहता है कि इन कामों में अपने भाई का हाथ बंटाएं।
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