करनाल। केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों का जनता से दूर हो जाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। विधायकों और जनप्रतिनिधियों को लगातार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए और विकास कार्यों को गति देनी चाहिए।
तीन दिवसीय करनाल लोकसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान रविवार को केंद्रीय मंत्री गांव बालू पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने वोटर लिस्ट सुधार प्रक्रिया (एसआईआर), गांवों में विकास कार्य और नीट परीक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा की।
नीट परीक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जानी है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परीक्षार्थियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं और सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है।
ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री के सामने सड़क, पानी, सफाई आदि की समस्याएं रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरती जाए और विकास कार्यों को तय समय में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार ग्रामीण विकास योजनाओं पर काम कर रही हैं ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
वोटर लिस्ट को शुद्ध करना जरूरी
एसआईआर पर मनोहर लाल ने कहा कि वोटर लिस्ट को शुद्ध करना जरूरी है। कई गांवों में हजारों वोट बने हुए हैं, लेकिन मतदान के समय आधे लोग भी वोट डालने नहीं पहुंचते। इसका कारण यह है कि कई लोग विदेशों या दूसरे शहरों में जाकर बस चुके हैं, जबकि उनके वोट अभी भी गांवों में बने हुए हैं। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग जगहों पर वोट होने की भी संभावना रहती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी का वोट काटना नहीं, बल्कि डुप्लीकेट वोट खत्म करना और वोटर सूची को पारदर्शी बनाना है। व्यक्ति का वोट उसी स्थान पर होना चाहिए, जहां वह वास्तव में रह रहा है।