पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और लोगों को
मारपीट के लिए उकसाने का आरोपी युवक राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज के साथ
खुले दरबार में बैठा रहा। पिटने वाली पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने की बजाय
बाहर उनकी सुरक्षा में तैनात रही। मंत्री के साथ बैठे आरोपी का फोटो सोशल
साइट पर वायरल होने के बाद लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। पुलिस
अधिकारी भी इस मामले में खुद को असहज महसूस करने लगे हैं।
गौरतलब है
कि 29 सितंबर को इंद्री के नन्हेड़ा मोड़ पर कार और बाइक की भिड़ंत में
खेड़ा गांव के 35 वर्षीय संदीप की मौत हो गई थी। पुलिस के देरी से पहुंचने
के कारण गुस्साए लोगों ने एएसआई राजेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों के
साथ मारपीट की। पिटाई से तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
पुलिस के अनुसार
सुनील खेड़ा ने एक मंत्री का रौब दिखाते हुए यह हरकत की। इंद्री पुलिस ने
एएसआई राजेंद्र सिंह की शिकायत पर सुनील खेड़ा, बिल्लू सहित 10-15
ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, मारपीट करने और रास्ता
रोकने का केस दर्ज किया था। वीरवार को लोग उस वक्त अचंभे में आ गए जब
इंद्री में लगे राज्यमंत्री के खुले दरबार में पुलिस पार्टी पर हमले का
आरोपी सुनील खेड़ा राज्यमंत्री के साथ बैठा नजर आया। हमला मामले में सुनील
खेड़ा की तलाश कर रही पुलिस मंत्री के दरबार के चलते उनके कार्यालय के बाहर
सुरक्षा में तैनात रही। बाद में मंत्री के साथ बैठे आरोपी की फोटो व्हाट्स
एप और सोशल साइट्स पर वायरल हो गई। इंद्री थाना प्रभारी महेंद्र सिंह का
कहना है कि अभी पुलिस पर हमला मामले की जांच चल रही है। कानून अपना काम
करेगा। दूसरी ओर राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज से संपर्क किया तो फोन उनके
पीए ने उठाया और कहा कि वे मीटिंग में हैं, इस बारे में वह कुछ नहीं कह
सकते।