माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बारिश से खेतों में धान की फसल भीगने से कटाई काम रुक गया है। इससे मंगलवार को धान की आवक आधी रह गई। धर्मकांटे सूने दिखाई दिए। मंगलवार की शाम को फिर तेज बारिश से मंडियों में खुले में लाखों क्विंटल धान एक बार फिर भीग गया। भीगने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है। बारिश के प्रभाव के कारण राइस मिलर्स और खरीद एजेंसियां खरीद से बचती रहीं। मंगलवार को दो लाख 60 हजार 170 क्विंटल खरीद हो सकी, जबकि सोमवार को खरीद साढ़े चार लाख क्विंटल से अधिक थी।
जिले की मंडियों में मंगलवार की शाम तक कुल खरीद 23 लाख 28 हजार 560 क्विंटल तक पहुंची। अब तक 11 लाख 45 हजार 210 क्विंटल का उठान कराया गया है। मंडियों में 11 लाख 83 हजार 350 क्विंटल धान पड़ा है। मंगलवार को मंडी में एक-दो राइस मिलर्स ही आए। किसानों के अनुसार वह नमी अधिक बताते हुए 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल का भाव बता रहे थे। नगला मेघा गांव से आए किसान मनोज सैनी ने बताया कि दो दिन से धान का कोई खरीदार नहीं मिल रहा है, जो धान की ढेरी लगी है, वह भीग भी चुकी है। पंखे लगाकर सुखाना और साफ कराना पड़ रहा है।