माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के उपलक्ष्य में अमूल-इंडिया की ओर से निकाली जा रही बाइक रैली शनिवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) पहुंची। जम्मू कश्मीर से शुरू हुई 13 सवारों की इस रैली का निदेशक डॉ. धीर सिंह सहित वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने स्वागत किया। निदेशक ने कहा कि दूध सिर्फ एक पौष्टिक भोजन नहीं है, यह भारत भर के लाखों डेयरी किसानों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
रैली में शामिल लोगों ने भी भारत की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य को मजबूत करने में दूध और डेयरी किसानों के महत्व पर रोशनी डाली। श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीस कुरियन के योगदान को श्रद्धांजलि देते हुए भारत में डेयरी फार्मिंग के महत्व को प्रदर्शित किया गया, जिनकी जयंती को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। बाइकर्स ने अपनी यात्रा के दौरान डेयरी किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बायो सीएनजी के उपयोग का संदेश दिया।
एनडीआरआई के निदेशक और कुलपति डॉ. धीर सिंह ने ग्रामीण आजीविका और राष्ट्र निर्माण पर डेयरी के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमूल-इंडिया की यह रैली टिकाऊ दूध उत्पादन, प्रसंस्करण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने और अगली पीढ़ी को डेयरी क्षेत्र में नवाचार जारी रखने के लिए प्रेरित करने का एक सराहनीय प्रयास है।
आईसीएआर-एनडीआरआई में एक सफल कार्यक्रम के बाद, सवारों ने भारत की प्रगति में डेयरी की महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश फैलाते हुए, रोहतक के रास्ते दिल्ली की ओर अपनी यात्रा फिर से शुरू की। निदेशक व अन्य वैज्ञानिकों ने बाइकर्स को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।