पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल की एमरजेंसी के बाहर शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक प्रसूता ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिजनों ने चिकित्सकों व स्टाफ नर्स पर देरी करने के आरोप लगाए हैं। चिकित्सकों ने आरोपों निराधार बताया है। स्टाफ नर्स ने प्रसव संपन्न कराकर दोनों को वार्ड में भेजा। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए हैं।
विक्की ने बताया कि वह मूलरूप से गांव सिंहपुरा से हैं और पिछले कई साल से पानीपत किशनपुरा में रह रहे हैं। उसकी पत्नी को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वह उसे एक निजी अस्पताल में ले गया। चिकित्सकों ने उसे जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया। जब वे नागरिक अस्पताल पहुंचे तो उसकी पत्नी एमरजेंसी के बाहर 20 मिनट तक एंबुलेंस में रही। वहीं पर उसने बच्चे को जन्म दिया लेकिन अस्पताल से चिकित्सक व कोई भी स्टाफ नर्स उसे संभालने तक नहीं आई।
15 डिलीवरी हो चुकी हैं अस्पताल के गेट पर
13 जुलाई से अब तक लगभग 15 डिलीवरी जिला नागरिक अस्पताल के गेट पर हो चुकी हैं। कुछ ऑटो में हुई हैं। कभी परिवार में जागरूकता की कमी
तो कभी एंबुलेंस का देरी से पहुंचना इसका मुख्य कारण बन रहा है जिससे महिलाएं गेट पर ही शिशु को जन्म दे रही हैं।
-13 जुलाई को एनएफएल विकासनगर के बाबूराम की पत्नी रिद्धिमा ने एंबुलेंस की देरी से पहुंचने के कारण परिजन उसे ई-रिक्शा से जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसने दोपहर एक बजे के करीब आपातकालीन वार्ड के गेट पर ही बच्ची को जन्म दिया।
- अगस्त माह में जैन चौक निवासी 30 वर्षीय गर्भवती ने ऑटो में ही बच्चे को जन्म दिया। परिजनों ने बताया कि एंबुलेंस न आने पर वे समय पर ही घर से निकले गए थे लेकिन रास्ते में जाम होने के कारण वे देरी से अस्पताल पहुंचे। जिससे रास्ते में ही डिलीवरी हो गई थी।
- छह दिसंबर शनिवार को किशनपुरा की महिला ने अस्पताल की एंबुलेंस में 20 मिनट तक चिकित्सकों का इंतजार करने के बाद बच्चे को जन्म दिया।
- चिकित्सकों को एंबुलेंस में ही डिलीवरी होने की सूचना मिली तो सूचना मिलते ही अस्पताल से स्टाफ नर्स ने तुंरत महिला और बच्चे को संभाला। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
- डॉ. सुखदीप कौर, जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन वार्ड इंचार्ज।
जिला नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस में प्रसव के बाद पहुंची मेडिकल टीम। संवाद