इंद्री। मिड डे मील वर्कर यूनियन 7 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कार्यालय के सामने 24 घंटे का महापड़ाव डालेंगी। इसकी तैयारियों को लेकर यूनियन नेता निरंतर हलकों का दौरा कर रहे हैं। रविवार को हर्बल पार्क में जिला प्रधान शिमला देवी की अध्यक्षता में बैठक की गई। संचालन सीटू जिला प्रधान बिजनेश राणा ने किया।
जिला प्रधान शिमला और बिजनेश राणा ने कहा कि मिड डे मील योजना केंद्र सरकार की योजना है लेकिन केंद्र सरकार ने पिछले 10 सालों से मिड डे मील का एक भी रुपया नही बढ़ाया है। मानदेय भी कई-कई महीने तक नहीं मिलता। मिड डे मील वर्करों को मात्र 7500 रुपये मासिक मानदेय मिलता है जोकि पर्याप्त नही है। उन्होंने कहा कि वर्दी का पैसा भी स्कूलों में नहीं मिल रहा। मानदेय में कटौती की जा रही है। सरकार व प्रशासन मिड डे मील वर्कर्स का शोषण कर रहा है। मानदेय भी 10 महीने का मिलता है जबकि काम तो करीबन 11 महीने करना पड़ता है। इसीलिए शिक्षकों व अन्य सदस्यों की तरह 12 महीने वेतन मिलना चाहिए। रिटायरमेंट की आयु 65 साल की जाए। इस अवसर पर अमित कुमार, शिमला, रेखा, नरेश, ममता, मिथिलेश, प्रेमो देवी, निर्मला आदि मौजूद रहे।