- प्रदर्शन कर लघु सचिवालय में शिक्षामंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मिड डे मील वर्कर यूनियन की जिला कमेटी ने मांगों के समर्थन में शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व जिले की वर्कर सेक्टर-12 के फव्वारा पार्क में इकट्ठा हुईं जहां जिला प्रधान शिमला के नेतृत्व में बैठक कर रणनीति तैयार की गई। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए सभी जिला सचिवालय में पहुंचीं।
जिला कैशियर ओपी माटा ने कहा कि मिड डे मील वर्कर हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बच्चों को ताजा खाना खिलाकर कुपोषण दूर करने का काम करती हैं। इनको केंद्र व राज्य सरकार से मासिक मानदेय मात्र सात हजार रुपए मिलता है। यह महिलाओं का आर्थिक शोषण है। एक ओर सरकार बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का नारा लगाती है दूसरी ओर व्यवहार में उसके विपरीत कार्य करती है।
वर्तमान में देश की आबादी का आधा हिस्सा महिलाएं अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। यूनियन ने मांग की है कि वर्कर जनवरी में 15 दिन काम करती हैं, लेकिन पूरा मानदेय नहीं दिया जाता। कमलेश, सतपाल सैनी, जगपाल राणा, गीता, कविता, रामपति, उषा, सरोज, ममता, सुषमा, नीलम, आनीता व सुनीता ने भी संबोधित किया।
आशा वर्करों की मुख्य मांगें
- ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए।
- सेवानिवृत्ति पर दो लाख रुपए दिए जाए।
- आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया दिया जाए।
- न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए दिया जाए।