दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित सत्संग में प्रवचन करती दिवेशा भारती। स्वयं
करनाल। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से सेक्टर-13 के पार्ट टू एन्क्लेव श्री राधा कृष्ण वाटिका में चल रही कृष्ण कथा में साध्वी दिवेशा भारती ने कहा कि मीरा ने परमात्मा को प्रेम की डोरी में बांध लिया था। जब भी उन्होंने सच्चे हृदय से परमात्मा को पुकारा तो परमात्मा उनकी पुकार सुनकर आते थे। आज बहुत सारे भक्त यह कहते हुए नजर आते हैं कि हम परमात्मा के भक्त हैं, कोई कहता है कि मैं राम का पुजारी हूं ,कोई मैं कृष्णा का पुजारी हूं, कोई माता रानी का उपासक है। जैसे एक बच्चा अपनी मां को कहे कि मैं तुझे मां समान मानता हूं, तो उसकी मां यही कहेगी कि बेटे मैं ही तुम्हारी मां हूं लेकिन वह बच्चा पड़ोस में रहने वाली किसी अन्य स्त्री को कहे कि मैं आपको मां के समान मानता हूं तो वहां पर यह बात चल सकती है। ठीक इसी प्रकार से वह परमात्मा है ही जिसे अपना मानने की नहीं जानने की जरूरत है। संवाद