बिना डाक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री की सूचना पर औषधि निरीक्षक ने पुलिस बल के साथ सोमवार शाम घरौंडा के बस स्टैंड के निकट स्थित सुमेर मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। इस दौरान मेडिकल स्टोर से ऐसे इंजेक्शन व अन्य प्रतिबंधित दवाइयां मिली हैं, जिन्हें बिना डाक्टर के पर्चे के बेचा जा रहा था, कई दवाइयों के बिल भी नहीं मिले हैं। दवाइयों के सैंपल ले लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। जांच के बाद मेडिकल स्टोर को सील करने के साथ अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर पर एक दंपती ने जमकर हंगामा किया।
गांव पनोड़ी निवासी आशिमा अपने पति राजा के साथ घरौंडा के सुमेर मेडिकल स्टोर पर पहुंची और आरोप लगाया कि उसने उसके पति को डाक्टर की पर्ची के बिना नशीली दवाइयां बेचीं हैं। इसे लेकर उसने यहां हंगामा किया। इसकी शिकायत औषधि विभाग से भी की। देर शाम को ही औषधि निरीक्षक रितु मैहला ने टीम व पुलिस बल के साथ पहुंचकर स्टोर पर छापा मार दिया। मेडिकल स्टोर के सामने लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। शिकायतकर्ता राजा व उसकी पत्नी आशिमा भी पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टोर मालिक कई महीनों से प्रतिबंधित दवाइयों को बेचने का काम कर रहा है। ऐसी दवाएं बेची जा रही हैं जो प्रतिबंधित है। औषधि निरीक्षक रितु मैहला ने मेडिकल स्टोर की छानबीन शुरू कर दी। विभाग की टीम ने स्टोर पर रखे करीब 50 इंजेक्शन व कई अन्य दवाइयों को कब्जे में लिया और स्टोर मालिक से दवाइयों के खरीद बिलों के बारे में पूछताछ की। करीब पांच घंटे तक कार्रवाई चली।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल स्टोर मालिक ने कई बार बिना डाक्टर पर्ची के दवाइया बेचीं हैं, क्योंकि बेचीं गई दवाइयों के ग्राहकों के नाम काटे गए बिल नहीं पाए गए। इन दवाइयों का कोई रिकार्ड नहीं रखा गया है। स्टोर से ऐसी दवाइयां भी मिली हैं जिनका बिल नहीं दिखाया गया। स्टोर से जब्त दवाइयों के सैंपल लैब भेजे जाएंगे। जांचोपरांत मेडिकल स्टोर को सील भी किया जाएगा। इधर, मेडिकल स्टोर संचालक सुमेर भारद्वाज ने बताया कि उसके मेडिकल स्टोर पर कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। जो दवाइयां मिलीं है, उन सभी का बिल है।