करनाल। बहलोलपुर गांव स्थित महर्षि पाराशर तीर्थ स्थल पर मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई जा रही है। इस पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च आएगा। यह निर्णय बाबा श्याम मंदिर खाटू वाले पाराशर तीर्थस्थल संचालन समिति की बैठक में लिया गया।
आदि बद्री स्थित आश्रम के संचालक स्वामी ईश्वरानंद महाराज ने महर्षि पाराशर तीर्थस्थल पर मेडिकल कालेज बनाने की इच्छा जताई है। वह यहां पर एक मेडिकल यूनिवर्सिटी भी खोलना चाहते हैं। इसके अलावा कन्या स्कूल व कन्या कॉलेज भी बनवाना चाहते हैं। वे इन परियोजनाओं के लिए बजट का भी बंदोबस्त करेंगे। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए तीर्थ कमेटी को जमीन देने के लिए कहा है। वे सोमवार को यहां आए हुए थे। स्वामी ने कहा कि वे अनुभवी कंपनी से परियोजनाओं का निर्माण करवाएंगे। इस बाबत उन्होंने एक कंपनी से बात कर ली है।
कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि बहलोलपुर गांव स्थित महर्षि पाराशर तीर्थ स्थल की करीब 365 एकड़ जमीन है। यहां पर 129 एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। जिसे छुड़वाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डीसी को निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों यहां पर मंदिर कमेटी गठित की गई थी। अध्यक्ष पद पर समाजसेवी ओमप्रकाश अरोड़ा को निर्वाचित कर दिया था। बहलोलपुर में पाराशर तीर्थ के विकास के लिए महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने एडाप्ट कर लिया। उनके मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस तीर्थ के विकास के लिए 1.25 करोड़ का अनुदान दिया। पिछले चार साल से यहां पर स्वामी गोपाल की अगुवाई में गौशाला चल रही है। यहां पर लगभग 400 गाय रहती हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों यहां की जमीन मुक्त करवाने के डीसी से प्रबंधन समिति के प्रधान ओमप्रकाश अरोड़ा की अध्यक्षता में प्रतिनिधमंडल ने मुलकात की। डीसी ने एसडीएम से मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांग ली। इसके बाद प्रशासन जल्द ही पाराशर तीर्थ की जमीन कब्जाधारियों से मुक्त करवा कर मंदिर को दे देगा। पाराशर तीर्थ में स्वामी ईश्वरानंद मेडिकल कालेज बनाने की योजना से इस क्षेत्र का विकास होगा बल्कि यहां पर लोगों को मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी। बैठक में प्रधान ओमप्रकाश अरोड़ा, स्वामी ईश्वरानंद, सुभाष त्रेहन, गोपाल स्वामी महाराज, खुर्शीद आलम मीडिया एडवाइजर हज कमेटी व अन्य सेवादार मौजूद थे।