करनाल में नगर निगम की मेयर और उनके समर्थक पार्षदों की सरकार और विधायक सुमिता सिंह के खिलाफ छेड़ी गई जंग में वीरवार को सांसद डॉ. अरविंद शर्मा भी कूद गए। सांसद ने निगम कार्यालय के सामने जारी धरने पर जाकर मेयर को समर्थन दे दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में साफ तौर पर पार्षदों की ओर से उठाए गए मामलों को जायज बताते हुए मजबूत वकालत की। उन्होंने पार्षदों को कहा कि अगर वे चाहे तो मुख्यमंत्री से शुक्रवार को मिल सकते हैं। वे मुख्यमंत्री के समक्ष उनकी वकालत करेंगे। ऐसे होते ही शहर के लोगों में चर्चा रही की सांसद भी विरोध जताने का मौका नहीं चूके। उन्होंने सही समय पर तीर छोड़ा है।
पार्षदों के विरोध के तीन दिनों में जहां इनेलो, भाजपा और कई सामाजिक संगठनों के समर्थन मिलने के बाद चौथे दिन करनाल लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. अरविंद शर्मा उन लोगों के बीच जा पहुंचे। उन्होंने बहुत संभलते हुए एक तरह से सरकार का पक्ष मजबूत करने का हवाला देते लोगोें को संबोधित किया। वे धरना स्थल पर विरोध जताने वाले लोगों के साथ बैठे तो नहीं लेकिन उन्होंने मंच से सीधे संबोधन करते हुए कहा कि पार्षदों के पास कोई पावर ही नहीं होगी तो कोई फायदा नहीं।
उन लोगों को पावर दी जानी चाहिए। गांव का सरपंच हो, पार्षद, विधायक हो या सांसद, हर कोई लोगों के बीच विकास का वादा करने के साथ चुनाव जीतकर आगे पहुंचता है। जनप्रतिनिधि लोगों की उम्मीद पर खरा नहीं उतरेंगे तो साफ है लोग उनसे नाराज हो जाएंगे और उन लोगों का भविष्य दांव पर लग जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कई शहरों में नई नगर निगम बने हैं।
धीरे-धीरे सरकार औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध कॉलोनियों में विकास के मामलों में कोई दायरा तय नहीं किया जाना चाहिए। विकास पूरी कॉलोनी में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्षद चाहे तो वे उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवा सकते हैं।
उन लोगों का पक्ष भी वे सीएम के समक्ष रखेंगे। मेयर रेनू बाला गुप्ता ने सांसद के समर्थन का स्वागत करने के साथ कहा कि वे सरकार और निगम के अधिकारियों की नीति से परेशान हैं। नगर निगम के नाम पर मेयर और पार्षद बीस रुपये भी खर्च नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने पूरे हाल का विस्तार से जिक्र किया। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कहा कि वे लोग साफ कहते हैं कि विधायक के प्रभाव के कारण विकास नहीं हो पा रहा है।
अधिकारी उनके दबाव में है। अन्यथा अधिकारी चाहे तो शहर के विकास को चार चांद लगाए जा सकते हैं लेकिन अधिकारियों की नीयत में खोट है। मौके पर पानीपत नगर निगम की डिप्टी मेयर सीमा पाहवा ने भी विरोध का करनाल पहुंचकर समर्थन किया। मौके पर पार्षद बलविंदर सिंह, राकेश उर्फ भाग सिंह, कमलेश लाठर, सुजाता अरोड़ा व मोहित कंबोज समेत कई मौजूद रहे।
भाजपा नेता कथूरिया ने भी दिया समर्थन
नगर निगम कार्यालय के सामने पार्षदों की ओर से दिए जा रहे धरने को वीरवार भाजपा प्रदेश मंत्री चंद्रप्रकाश कथूरिया ने भी अपना समर्थन दे दिया।
कथूरिया वीरवार को अपने दर्जनों साथियों सहित धरने में शामिल होने पहुंचे। मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता दीपक गुप्ता, विनोद शर्मा, मदन मित्तल, हरप्रीत सिंह, अनिल गोयल, संदीप चावला, अजय शर्मा, गौरव वर्मा, जसपाल वर्मा, जितेंद्र विज, देवेंद्र विज, ललित कुमार, गगनदीप सैनी, संजय गांधी सहित अन्य मौजूद थे।
भाजपा नेता ने कहा कि करनाल में विकास कार्य नहीं होने से शहर में समस्याएं बढ़ रही है। करनाल में पहले ही विकास नहीं हो रहा है और ऊपर से जनता द्वारा चुने गए पार्षदों को अधिकार नहीं दिए जाने से विकास कार्य रुके पड़े हैं।
सही मायनों में जनता की समस्याओं का पार्षदों को पता होता है लेकिन पार्षदों को ही विकास करवाने की ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर यदि अपने हक के लिए प्रदर्शन करते हैं तो इससे बड़ी शर्मनाक बात सरकार के लिए ओर क्या होगी। भारतीय जनता पार्टी पार्षदों के इस प्रदर्शन में उनके साथ है।
विरोध पर समर्थन के लिए विचार जारी
करनाल में आम आदमी पार्टी के राज्य महासचिव परमजीत सिंह, मीडिया प्रवक्ता प्रो. एससी जैन, मीडिया सह प्रवक्ता विवेक अग्रवाल, जिला सचिव संदीप सैनी और नीरज गौतम ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोगों के पक्ष में है लेकिन फिलहाल शहर में जारी पार्षदोें की ओर से विरोध के मामले में समर्थन के संदर्भ में विचार किया जा रहा है।
वे लोग भी आम लोगों के मुद्दों से जुडे़ हैं। आम लोगों के हित में ही उनकी पार्टी देश भर में काम कर रही है।