संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण नगरी का मयंक नरवाल अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में पंच का दम दिखाएगा। 27 अक्तूबर से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के लिए मयंक रवाना हो गया है। उसका अंडर 17 का पहला मुकाबला मंगलवार देर रात रोहतक के मुक्केबाज गाैरव से होना है।
मयंक ने सोनीपत में आयोजित राज्य स्तरीय मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल के लिए क्वालीफाई किया था। यह प्रतियोगिता 16 से 18 सितंबर तक आयोजित हुई जिसमें प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। उनके पिता मंगल सिंह ने बताया राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी उनके बेटे ने रोहतक के गाैरव को हराया था। मयंक ने मुक्केबाजी की शुरु संत कबीर स्कूल में प्रशिक्षक सरदार सतपाल कोच के मार्गदर्शन में एसआर अकादमी से की। उसके बाद बेहतर प्रदर्शन की बदाैलत उसका चयन राजस्थान के जोधपुर में साईं अकादमी में हुआ। अभी यहा रहकर मयंक मुक्केबाजी के तकनीकी गुर सीख रहा है। मयंक का मुख्य लक्ष्य देश की ओलंपिक में पदक लाना है वह कर्ण नगरी के बेहतर मुक्केबाज निशांत देव को अपना आदर्श मानते है। वह प्रदेश के बेहतर मुक्केबाज विजेंद्र सिंह की सभी फाइट देखते हैं। उनके बेहतर प्रदर्शन की बदाैलत उन्हें करनाल की जाट धर्मशाला में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विशेष सम्मान देकर सम्मानित किया।
मयंक की उपलिब्धयां-
- 2025 ऑल इंडिया साईं प्रतियोगिता सोनीपत में स्वर्ण पदक जीता।
- 2024 में ऑल इंडिया डीएवी स्कूल नेशनल में स्वर्ण पदक जीता।
- 2023 में भी ऑल इंडिया गेम में भी स्वर्ण पदक हासिल किया।
- लगातार तीन साल स्टेट चैंपियन रहे और अब दो साल से नेशनल चैंपियन भी है।