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मास्टर प्लान 2031 लागू : 12 सेक्टर होंगे विकसित, सस्ती दरों पर मिलेंगे प्लॉट

Fri, 13 Feb 2026 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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.हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण
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जितेंद्र नरवाल
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करनाल। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) मास्टर प्लान 2031 के तहत जिले के करनाल, इंद्री और नीलोखेड़ी में 12 नए सेक्टर विकसित करेगा। ये सेक्टर संबंधित शहरों के मास्टर प्लान के अनुरूप बसाए जाएंगे। इसके लिए अर्बन एस्टेट के विकसित सेक्टरों के बीच या आसपास स्थित निजी जमीन के मालिकों से ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से आवेदन मांगे गए हैं। योजना के अनुसार एचएसवीपी करीब 1500 एकड़ अन अनअधिग्रहीत भूमि खरीदेगा।
मास्टर प्लान के तहत शहर में दस, नीलोखेड़ी में एक रिहायशी सेक्टर और इंद्री में एक व्यावसायिक सेक्टर विकसित किया जाएगा। खास बात ये रहेगी कि इस परियोजना में शहर के आसपास डीटीपी के अधीन आने वाली रेरा स्वीकृति कॉलोनियां भी एचएसवीपी के दायरे में आ जाएंगी जिससे इन कॉलोनियों में रहने वाले एक लाख से ज्यादा लोगों को एचएसवीपी की मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। एचएसवीपी अधिकारियों के अनुसार जहां-जहां पहले से विकसित सेक्टरों के बीच खाली या असंगठित जमीन बची हुई है, उसे योजनाबद्ध तरीके से शामिल कर एक समान रूप से विकसित सेक्टर तैयार किए जाएंगे। इससे अव्यवस्थित सोसायटियों की समस्या कम होगी और बुनियादी सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
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इन सेक्टरों का होगा विकास
मास्टर प्लान 2031 में सेक्टर 27, 28, 28 ए, 29, 34, 35, 36, 39, 43, 45 समेत नीलोखेड़ी में सेक्टर-16 को विकसित किया जाएगा। ये सभी सेक्टर रिहायशी होंगे। जबकि इंद्री में सेक्टर चार को व्यावसायिक तौर के लिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए एचएसवीपी भूमि मालिकों से जमीन खरीदेगा और इन्हें विकसित करने का काम करेगा। जमीन खरीद से पहले आवेदकों की जमीन की जांच भी होगी। सभी कागजातों के साथ कोर्ट केस या अन्य प्रकार के अवैध कब्जों से मुक्त साफ सुथरी जमीन को ही खरीदा जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एचएसवीपी की स्वामित्व वाली जमीन को छोड़कर, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग (डीटीपी) के दायरे में आने वाली निजी जमीन को सेक्टर योजना में शामिल किया जाएगा। विशेष रूप से बाहरी रेरा अप्रूव कॉलोनियों और उनकी बची हुई जमीन को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पहले से विकसित क्षेत्रों को मास्टर प्लान के अनुरूप नियमित और एकीकृत रूप दिया जा सके।


शहरों को मिलेगा योजनाबद्ध विस्तार
इस पहल से शहर में अनियोजित विस्तार पर रोक लगेगी। मास्टर प्लान के अनुरूप सेक्टर विकसित होने से ट्रैफिक प्रबंधन, ड्रेनेज सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा। साथ ही, रेरा अप्रूव कॉलोनियों की बची हुई जमीन को शामिल करने से अधूरी परियोजनाओं को गति मिलेगी और यहां बसने वाले लोगों को भी मूलभूत सुविधाएं मिल पाएंगी।
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मास्टर प्लान के तहत जो एचएसवीपी के सेक्टर हैं उनमें बची हुई जमीन को खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल आवेदन मांंगे गए हैं। आवेदन आने के बाद जमीन और उसके रेट देखे जाएंगे। इसके बाद सरकार के निर्देशानुसार सेक्टरों को विकसित करने का काम किया जाएगा।
- अदिति, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी, करनाल
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