जाट आरक्षण आंदोलन के चलते रविवार को बल्ला में बलिदान दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए समाज के लोगों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस मौके पर रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। वहीं, किसी भी तरह की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। गांव के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लाइन में भी करीब 400 जवानों को तैयार रखा गया है। उधर, मूनक नहर पर आरएएफ के जवानों के साथ साथ पुलिस भी पहरा दे रही है। जिला प्रशासन का दावा है कि जिला पुलिस हर स्थिति से निपटने को तैयार है। एसपी जेएस रंधावा का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। यदि कोई ऐसी हरकत करता है तो तुरंत उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि गांव बल्ला में पिछले 21 दिन से धरना जारी है। रविवार को बल्ला में बलिदान दिवस मनाया जाएगा, इसके लिए जाटों ने धरनास्थल बदलकर अनाजमंडी कर दिया है। यहां पर रविवार को हजारों की संख्या में भीड़ आने की आशंका है। इस दौरान रक्तदान शिविर लगाया जाएगा व पिछले आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए युवकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। भीड़ को देखते हुए जाटों ने भी कई तैयारियां की हैं, वहीं प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस को अलर्ट कर दिया है। उधर, असंध व पुलिस लाइन में भी पुलिस बल तैनात है। इसके अलावा, मूनक हेड व पिचौलिया हेड पर आरएएफ के जवान और पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल जाटों ने दिल्ली का पानी रोकने की कोशिश की थी। इसके चलते यहां पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और सीसीटीवी भी लगाए गए हैं।
अब धरना अनाजमंडी में होगा
बल्ला। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से बल्ला गांव में चल रहे धरने के 21वें दिन प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को समिति के सदस्यों को शुक्रवार को जसिया गांव में हुई बैठक में हुई फैसलों को लेकर आगामी रणनीति तय की। धरने पर 19 फरवरी को अधिक भीड़ की आशंका को देखते हुए मौजूदा धरनास्थल को अनाजमंडी बल्ला में तबदील कर दिया गया है।
इसके लिए समिति के सदस्यों की ओर से बाकायदा अनुमति भी ले ली गई है। शनिवार को धरनास्थल प्रदर्शनकारियों के प्रदेशस्तर के नेताओं के नाम रहा। समिति के नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ताल ठोकी। धरने पर पहुंची अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश सचिव निशा चौधरी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि मांगों को लेकर समाज की ओर से जिस कदर समर्थन मिल रहा है उससे साबित होता है कि प्रदेश में आपसी भाईचारा गहरा है लेकिन भाजपा सरकार कभी 35 एवं कभी 36 बिरादरी के नाम पर समाज के बीच खाई पैदा करना चाहती है उसमें कभी कामयाब नहीं होगी। मांग पूरी करने के बाद ही धरनास्थलों से प्रदर्शनकारियों की घर वापसी होगी।
दिल्ली के रास्ते कर देंगे बंद
समिति के दिल्ली के नजफगढ़ प्रधान सुनील खर्ब एवं दिल्ली के युवा उपाध्यक्ष यशवंत दहिया ने सरकार को चेताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से जिस शांतिपूर्वक तरीके से दिया जा रहा है वो काबिलेतारीफ है, लेकिन सरकार ने अगर कोई गलत कदम उठाया तो दिल्ली के रास्ते बंद करने पर मजबूर होंगे। अधिकारियों पर धरनास्थल पर न पहुंचने देने के लिए जनता को डराने-धमकाने का आरोप जड़ा।
समिति के जिलाध्यक्ष नफे सिंह मान ने कहा कि 19 फरवरी को बलिदान दिवस पर करीब 200 प्रदर्शनकारियों की ओर से सामूहिक रक्तदान किया जाएगा। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर आजाद सिंह खांडा खेड़ी रविवार को बल्ला पहुंचकर लोगों का रागनियों से मनोरंजन करेंगे। समिति के मेंबर बलवान सिंह मान ने कहा कि रविवार को धरने की शुरुआत हवन-यज्ञ से होगी एवं इसमें शहीद होने वाले युवाओं के नाम की आहुतियां डाली जाएंगी। बलिदान दिवस को देखते हुए रविवार को खाना एवं मिष्ठान की जगह प्रदर्शनकारियों को केवल जलपान देने का निर्णय लिया गया है।