माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। धान खरीद शुरू होने के 12 दिन के बाद भी कई अनाज मंडियों में व्यवस्था पर पटरी पर नहीं लौट पा रही है। लगातार आवक से मंडियां धान से अट गई हैं। उठान सुस्त होने से मंडियों में जगह नहीं बची। इस पर कई मंडियों में खरीद रोकनी पड़ी।
वहीं शुक्रवार को जिले में कुल चार लाख 75 हजार 880 क्विंटल खरीद हुई। जिससे कुल खरीद 33 लाख तीन हजार 660 क्विंटल पहुंच गई। हालांकि अभी तक धान का उठान 17 लाख 25 हजार 670 क्विंटल हुआ है, जो सिर्फ 52.23 प्रतिशत है। जिससे कई अनाज मंडियां फुल हो गई है।
रास्तों से लेकर मंडी के अंदर तक जाम की स्थिति बन गई है। असंध मंडी में शनिवार व रविवार को खरीद बंद करने का एलान आढ़तियों को करना पड़ा है। करनाल अनाज मंडी में धान की खरीद सामान्य गति से चल रही है लेकिन धान का उठान यहां भी काफी कम है। नए मंडी सचिव जितेंद्र ने शुक्रवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। जिले की अन्य अनाज मंडियों में भी गंदगी का साम्राज्य है। सड़कें खस्ताहाल हैं। राइस मिलर्स और आढ़तियों के खेल में किसानों को कई कई दिन तक धान बेचने का इंतजार करना पड़ रहा है।
असंध में धरना जारी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
असंध। किसानों का धरना असंध मंडी में शुक्रवार को भी जारी रहा। किसानों ने व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किए जाने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी। यहां किसान नेता जोगिंदर सिंह झिंडा, सुखविंद्र झब्बर, छत्रपाल सिंधड़ आदि 25 सितंबर से लगातार धरना दे रहे हैं। किसान नेताओं का आरोप है कि राइस मिलर्स व आढ़ती मिलकर किसानों को लूट रहे हैं। इधर, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जय कुमार गुप्ता ने बताया कि शनिवार व रविवार को अनाज मंडी में आवक बंद रहेगी। संवाद
मंडी फुल, लगा जाम, कल बंद रहेगी खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। अनाज मंडी तरावड़ी में धीमे चल रहे उठान के चलते मंडी में धान मंडी के गेट के बाहर तक पहुंच गया है। अब हालात यह हो गए हैं कि मंडी में आने वाली धान की भरी ट्रालियों का प्रवेश भी बंद हो गया है। बिगड़ते हालात देखकर शुक्रवार को प्रशासन को जीपीएस लगे ट्रकों के ही उठान में लगाने का फैसला वापस लेना पड़ा और उठान के लिए ट्रालियों की अनुमति आला अधिकारियों से ली जा रही है। उठान के लिए रविवार को मंडी में आवक बंद रखी जाएगी।
तरावड़ी अनाज मंडी में शुक्रवार दोपहर बाद तक तीन लाख 92 हजार 500 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है उसके मुकाबले में उठान आधा भी नही हुआ है। उठान की इस तरह ढीली तैयारी को लेकर किसान काफी परेशान है। किसान सिंद्र गालिबखेड़ी, सुखविंद्र सौकड़ा, परमजीत वडैच सौकड़ा, रिशिपाल पधाना व रामदिया शामगढ़ का कहना है कि इस बार उन्हें धान का रेट भी सही मिल रहा है, लेकिन जिस तरह की उठान की व्यवस्था है उससे मंडी में ट्राली लेकर आना मुश्किल हो गया है।
हालात यह है कि किसान को अपना धान गेट के बाहर उतारने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन किसानों का कहना है कि स्थिति ठीक न हुई तो सोमवार तक सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। मंडी सचिव नरेश मान ने बताया कि सीजन इस समय पीक पर है और उठान में तेजी लाने के लिए गाड़ी पर जीपीएस होने की शर्त वापस ले ली है। रविवार को उठान के लिए मंडी बंद करने का फैसला लिया गया है ताकि सोमवार से काम सुचारू चलाया जा सके।
ट्रैक्टर-ट्रालियों से लगा जाम, राहगीर को परेशानी
घरौंडा। घरौंडा अनाज मंडी में सड़क ट्रैक्टर-टरोलियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। मंडी की दोनों रास्तों के बीच के में ही घरौंडा कस्बे का मुख्य बस अड्डा है। सड़कों पर ट्रैक्टर ट्रालियों के जाम के कारण बसें समय पर नहीं पहुंच पाती है, जिसके चलते वह खडें यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
जाम के कारण अधिकतर बसें फ्लाईओवर के ऊपर से ही चली जाती है। बसों की आवाजाही कम होने के कारण यात्रियों को दरवाजों-खिड़कियों पर लटक कर जाना पड़ता है। यात्रियों में ज्यादातर स्कूल-कॉलेजों, सेंटरों के बच्चे होते हैं। हर साल बसों में भीड के कारण एक-दो हादसे भी होते हैं। हर साल धान व अनाज की फसलों के समय पूरे शहर में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। संवाद