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ऑड ईवन के बीच बाजार गुलजार, सड़कों पर भारी भीड़

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लॉकडाउन 3.0 के तीसरे दिन कर्णगेट के साथ-साथ गुड़मंडी, स्टेशन रोड व नेहरू पैलेस में भी जिला प्रशासन ने ऑड ईवन व्यवस्था को लागू किया। इन क्षेत्रों के चारों ओर से जाने वाले सभी रास्तों पर वेरीकेडिंग कर नाकाबंदी की। जिससे वाहनों को इन बाजारों के बाहर ही रोक दिया गया। लोगों ने पैदल जाकर खरीदारी की। हालांकि रोड व चौराहों पर तो जबरदस्त भीड़भाड़ रही लेकिन ऑड ईवन वाली बाजारों में राहत दिखी। दुकानदारों ने इस व्यवस्था को अपना समर्थन देकर मांग की है कि इसे शहर के सभी बाजारों में लागू किया जाए। हालांकि कुछ दुकानदारों ने इस व्यवस्था में कई खामियां भी बताई। क्योंकि एक ही बाजार में आधी दुकानें बंद होने के कारण ग्राहकों को पूरा सामान नहीं मिल सका।
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बुधवार ऑड ईवन व्यवस्था का तीसरा दिन था। जिला प्रशासन ने भी इस व्यवस्था की सफलता पर लगातार नजर रखी। सुबह से ही ग्राहकों ने बाजारों की ओर रुख किया। गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग बाजार में निकले। लेकिन शहर के कार व दुपहिया वाहन स्वामियों ने बाजार का रुख किया तो कई रास्तों पर जाम नजर आने लगा। पुलिस को यातायात व्यवस्था संभालनी पड़ी। ऑड ईवन वाले बाजारों में सुबह से ही वेरीकेडिंग करके नाकों पर पुलिस की तैनाती कर दिए जाने के कारण वाहनों को कर्ण गेट, गुण मंडी, नेहरू मार्केट व स्टेशन रोड बाजारों के अंदर वाहनों को जाने से रोक दिया गया। कई स्थानों पर पार्किंग थी। बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस नाको के बाहर ही अपने वाहनों को पार्क कर दिया। पैदल जाकर सामान की खरीदारी की। लेकिन दिक्कत यह आई कि बाजारों में आधी दुकानों के बंद होने के कारण एक ही बाजार में ग्राहकों को पूरा सामान नहीं मिल सका। इसके कारण उन्हें दूसरे बाजारों का रुख करना पड़ा या फिर निराश लौटना पड़ा।
आसपास के दुकानदारों ने बेचा महंगा सामान
-एक ही बाजार में सारा सामान नहीं मिलने के कारण ग्राहकों ने जब ऑड ईवन वाली बाजारों के आसपास से सामान खरीदना चाहा तो उन दुकानदारों ने ग्राहकों की मजबूरी का फायद उठाते हुए महंगा सामान दिया। ग्राहकों ने बताया कि दाल व चीनी को दस से बीस रुपये प्रति किलो महंगा सामान खरीदना पड़ा।
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-अभी हमारी मार्केट में तो ऑड ईवन लागू नही है, लेकिन फिर भी यह नई व्यवस्था बेहतर है। जिला प्रशासन को सभी व्यापारी सहयोग कर रहे हैं। सहालग तो निकल चुकी है, लेकिन आज परना आदि की जबरदस्त बिक्री हुई है। कई दुकानों पर तो परना खत्म हो गए हैं, क्योंकि बाहर से कपड़ा आना शुरू नहीं हुआ है। इसलिए कुछ महंगा भी हो गया है।
-मुरारी बत्रा, सचिव-सरदार पटेल एवं न्यू क्लाथ मार्केट एसोसिएशन करनाल।
-दिल्ली, सूरत, भीलवाड़ा, मुंबई आदि बड़े बाजार बंद हैं तो नया कपड़ा कैसे आएगा। जो उपलब्ध है, सिर्फ उसी की बिक्री हो रही है। ग्राहक तो खूब आ रहे हैं। बिक्री भी खूब हो रही है। ऑड ईवन व्यवस्था सभी बाजारों में लागू होना चाहिए। ट्रैफिक की व्यवस्था को पुलिस को संभाल लेना चाहिए।
-पवन पचमुंडा, कपड़ा विक्रेता, क्लाथ मार्केट करनाल।
-गुड़ मंडी में ऑड ईवन व्यवस्था का पहला दिन है। वाहन बाजार में नहीं आए तो काफी बेहतर महसूस हुआ है। वैसे तो हर रोज वाहनों की भारी भीड़ रहती थी, जिससे कारोबार करना मुश्किल हो जाता था। सुबह को ग्राहकों की भारी भीड़ थी, लेकिन दोपहर तक धीरे धीरे कम होती चली गई।
-पीयूष गुप्ता, करियाणा दुकानदार गुड़मंडी करनाल।
-आज कल जान पहचान की दुकानदारी है, जो ग्राहक जहां से सामान लेता है, वहीं से लेगा, लेकिन ग्राहक तो सुबह बाजार में आ गया लेकिन उसके परिचिति दुकानदार की दुकान बंद मिली तो उसे निराश लौटना पड़ा या फिर किसी अन्य से सामान खरीदना पड़ा। इससे ग्राहकों के साथ साथ दुकानदारों को नुकसान हो रहा है।
-श्रवण कुमार, दुकानदार पैकिंग मैटीरियल गुड़मंडी करनाल।
-ऑड ईवन की व्यवस्था अच्छी है, इससे बाजार में ग्राहक भी है और भीड़ भी नहीं लग रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी हो रहा है। मैने तो गेट के आगे ही रस्सी बांध रखी है, जिससे आगे ग्राहकों को आने की इजाजत नहीं है। सुबह से सामान की बिक्री भी अच्छी खासी हो रही है।
-अशोक क्षेत्रपाल, दुकानदार गुड़मंडी करनाल।
-जिला प्रशासन को गांववार दिन तय करने चाहिए, क्योंकि एक मार्केट में अलग अलग तरह की दकानें होती है, कुछ ग्राहक अपने परिचित दुकानदार से उधार सामान भी लेते हैं लेकिन जब उसकी दुकान बंद मिलती है तो ग्राहक को निराश लौटना पड़ता है। दूसरे दिन फिर आना पड़ता है, जिससे उसके समय व धन का दुरुपयोग होता है। दुकानदारों को भी अपने वाहन बाहर ही पार्क करने चाहिए।
-मोहन बंसल, करियाणा दुकानदार गुड़मंडी करनाल।
ऑड ईवन व्यवस्था वाले बाजारों से बाहरी दुकानदारों को खदेड़ा
ऑड ईवन व्यवस्था के बीच कुछ बाहरी दुकानदार जो फेरी लगाकर सामान बेचते हैं भी पहुंच गए। लेकिन स्थानीय दुकानदारों ने ऐसे बाहरी दुकानदारों को बाजार से खदेड़ दिया। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यह लोग फेरी लगाते हैं तो फिर बाजार में क्यों आ गए। इन्हें फेरी लगाकर ही सामान बेचना चाहिए। परमिशन नहीं है तो जिला प्रशासन को जानकारी देनी चाहिए। लेकिन यह लोग बंद दुकानों के आगे अपनी दुकानें लगा रहे हैं। जबकि प्रशासन ने दुकानों के आगे सामान रखने को भी मना किया हुआ है। ऐसे में जो दुकानें बंद है, वह भी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
-ऑड ईवन लागू कर दिया, आधी दुकानें बंद हैं, ऐसे में मैने एक बंद दुकान के आगे अपनी दुकान लगाई तो व्यापारियों ने उसे वहां से खदेड़ दिया। उनका कहना है कि बंद दुकान के आगे दुकान लगाई तो बंद दुकान का चालान हो सकता है। मैं तो फेरी लगाकर कपड़ा बेचता हूं, आज इस मार्केट में आ गया था।
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-गुलशन फेरी कपड़ा विक्रेता।
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