सरकार द्वारा सब्जियों और फलों की बिक्री से मार्केट फीस वापस लेने की घोषणा के बाद भी सब्जियों के दाम कम नहीं हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी सरकार के लिखित आदेशों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन और मार्केट कमेटी फील्ड स्टाफ एसोसिएशन ने इस घोषणा का विरोध करना शुरू कर दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने घोषणा वापस नहीं ली तो पूरे प्रदेश में एक से तीन फरवरी तक हड़ताल की जाएगी।
सरकार ने 14 जनवरी को ऐलान किया था कि सब्जियों व फलों को मार्केट कमेटी एक्ट से अलग किया जाएगा। यदि सरकार के यह आदेश लागू होते हैं तो मंडियों में सब्जी बेचने की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी। इससे कोई भी किसान कहीं पर भी अपनी सब्जी और फल बेच सकेगा। इससे जहां मार्केट कमेटी द्वारा फीस के रूप में लिए जा रहे दो प्रतिशत टैक्स से छूट मिलेगी, वहीं मंडी से बाहर सब्जी बेचे जाने पर उन्हें आढ़त भी नहीं देनी होगी। इससे सब्जियों और फलों के दाम भी कम होंगे।
अब तक यह वसूली
इस समय सब्जी मंडियों में एक प्रतिशत मार्केट फीस, एक प्रतिशत एचआरडीएफ मार्केटिंग बोर्ड द्वारा और पांच प्रतिशत आढ़त के रूप में आढ़ती द्वारा राशि ली जाती है। इस तरह से यदि कोई सब्जी 100 रुपये में बिकती है तो उस पर अतिरिक्त दो रुपये सरकार के खाते में जमा होते हैं, वहीं आढ़तियों को पांच रुपये हासिल होते हैं। किसान से थोक व्यापारी, थोक व्यापारी से खुदरा व्यापारी और इसके बाद उपभोक्ता तक पहुंचते-पहुंचते सब्जी व फलों के दाम कई गुना बढ़ जाते हैं। सरकार द्वारा लोगों को बढ़ रही कीमतों में राहत देने के लिए यह ऐलान किया गया है।
ली जा रही मार्केट फीस और आढ़त
सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेता सत नारायणा, रमन कुमार, प्रकाश ने बताया कि अभी भी मार्केट फीस व आढ़त वसूली जा रही है। इस कारण सब्जी की कीमतों में कोई खास असर नहीं पड़ा है। सब्जियों की जो कीमतें पंद्रह दिन पहले थीं, वही आज भी हैं। इसमें केवल आपूर्ति के कारण ही कीमत ऊपर-नीचे हुई है।
लिखित में आदेश नहीं मिले
मार्केट कमेटी सचिव रविंदर सैनी ने बताया कि सरकार ने लोगों को सब्जियां व फल सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाने के लिए यह घोषणा की है लेकिन अब तक लिखित में आदेश नहीं आए हैं। जैसे ही लिखित में आदेश मिलेंगे, उन्हें लागू कर दिया जाएगा।
रोजी-रोटी प्रभावित होगी
सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने फीस समाप्ति के फैसले का विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे प्रदेश की सब्जी मंडियों में हड़ताल कर दी जाएगी। यदि सब्जी व फलों से मार्केट फीस हटा ली तो इससे मंडी सिस्टम ही टूट जाएगा। आढ़ती फीस समाप्ति के विरोध में नहीं हैं लेकिन इस फैसले से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होगी। आढ़तियों की मांग है कि उन्हें विभाग से जोड़ा रखा जाए। चाहे इसके लिए 25 पैसे ही टैक्स की फीस रख दी जाए लेकिन बिल्कुल समाप्त न किया जाए क्योंकि किसानों को इससे फायदा होने के बजाय नुकसान होगा। मंडियों में रखरखाव में परेशानी आएगी। यदि आढ़तियों को ही काम नहीं मिलेगा तो वे किसानों की फसलों को कैसे बेच पाएंगे। छोटे किसान अपनी फसल को कहां बेचेगा। एसोसिएशन ने 28 जनवरी तक सीएम से मिलने के लिए समय मांगा है। यदि सरकार ने उनकी सुनवाई नहीं की तो एक से तीन फरवरी तक पूरे प्रदेश में सब्जी मंडियों में हड़ताल की जाएगी।
कर्मचारी भी विरोध में
उधर मार्केटिंग बोर्ड फील्ड स्टॉफ एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार फकीर चंद का कहना है कि इससे विभाग को भारी नुकसान होगा। कर्मचारी एसोसिएशन इसका विरोध करती है। एसोसिएशन की मांग है कि सब्जियों व फलों को एक्ट के अधीन रखा जाए ताकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलता रहे। साथ ही विभाग को चाहे मामूली ही सही, मंडियों में रखरखाव के लिए आय होती रहे।