माई सिटी रिपोर्टर
असंध। थाने में रमेश की मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि जब थाने में 24 घंटे पुलिसकर्मी रहते हैं तो आखिर रमेश ने पैंट से बने फंदे पर लटककर आत्महत्या कैसे कर ली। फिलहाल अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जिससे मौत के कारण का खुलासा हो सके।
असंध के वार्ड तीन निवासी रमेश कश्यप की पत्नी ने बताया कि जिस मिस्त्री से उसकी लड़ाई हुई थी और जिसकी शिकायत पर पुलिस ने रमेश को पकड़ा था, वह मिस्त्री स्वयं ही उसके घर पर आकर बात को रफा दफा कर गया था। इसके बाद भी पुलिस ने रमेश को आखिर क्यों नहीं छोड़ा। परिजनों का ये आरोप भी है कि पुलिस रात को ही उसके घर पहुंची थी और रमेश के पिता को बुलाकर थाने लाई। यहां उनसे कोरे कागज पर अंगूठा लगवाया और फिर वापस छोड़ दिया। सुबह को बताया गया कि रमेश ने खुद की पैंट से फंदा लगाकर जान दे दी है। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि हवालात का गेट इतना ऊंचा नहीं है कि जिससे कोई उस पर लटक सके।
पुलिस में भी मच गया था हड़कंप
जैसे रमेश कश्यप की हवालात में मौत का मामला सामने आया तो पुलिस में भी हड़कंप मच गया था। पुलिस अधीक्षक गंगा राम पूनिया भी सुबह पांच बजे ही असंध थाने पहुंच गए थे। परिजनों का आक्रोश देखते हुए बज्र वाहन सहित भारी पुलिस फोर्स बुला ली गई थी, आसपास के थाना प्रभारियों को भी असंध बुला लिया गया था।