- हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री भगवत दयाल और भजनलाल बन चुके करनाल से सांसद, मनोहर ज्यादा वोट लेकर भी नहीं तोड़ पाए इनकी जीत का रिकॉर्ड
- मनोहर की जीत के साथ ब्राह्मण से पंजाबी हुई करनाल सीट, शुरुआत से ही रहा ब्राह्मणों का वर्चस्व, 2014 के बाद से पंजाबी जीत रहे चुनाव
- 18 में से 12 बार ब्राह्मण नेता करनाल सीट से बने सांसद
- 2014 में अश्विनी चौपड़ा पहले पंजाबी सांसद बने थे
- अब मनोहर लाल लगातार तीसरे पंजाबी सांसद
गगन तलवार
करनाल। लोकसभा सीट करनाल से चुनाव जीतकर संसद पहुंचने वाले मनोहर लाल प्रदेश के तीसरे पूर्व मुख्यमंत्री हैं। इनसे पहले प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा और भजन लाल यहां से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंच चुके हैं। मनोहर लाल के चुनाव जीतने से अब करनाल सीट का जातीय वर्चस्व भी बदला है। शुरुआत से ब्राह्मणों के वर्चस्व वाली मानी जाने वाली यह सीट लगातार तीसरी बार पंजाबी नेता की जीत पर अब पंजाबी मानी जाने लगी है।
नए सांसद मनोहर लाल करनाल से ही दो बार विधायक का चुनाव जीतकर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। जबकि इससे पहले 1977 में हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा यहां से बड़े अंतर से चुनाव जीते थे। इसके बाद 1998 में भजन लाल यहां से चुनाव जीतकर दिल्ली पहुंचे थे, वे इससे पहले 1996 तक तीन बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। बाद में 1998 में उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर करनाल से चुनाव लड़ते हुए भाजपा के आईडी स्वामी को हराया था। 1999 के चुनाव में आईडी स्वामी ने उन्हें परास्त किया तो 2009 में उन्होंने हिसार से चुनाव लड़ा था। अब मनोहर लाल कांग्रेस के दिव्यांशु बुद्धिराजा को मात देकर दिल्ली पहुंचे हैं।
2024 के चुनाव में मनोहर लाल ने यहां सांसद बने पिछले दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों से ज्यादा वोट भी लिए हैं पर वे भगवत दयाल शर्मा के जीत के रिकाॅर्ड को नहीं तोड़ पाए हैं। मनोहर लाल को इस बार के चुनाव में 739285 वोट मिले हैं, जबकि 1977 के चुनाव में भगवतदयाल को 340961 और 1998 के चुनाव में भजन लाल को 327750 वोट मिले थे यानी मनोहर लाल को इनसे करीब दो गुने वोट मिले हैं। ब्यूरो
भगवत दयाल के नाम जीत का बड़ा रिकॉर्ड
वहीं जीत के अंतर पर निगाह डालें तो करनाल लोकसभा सीट पर केवल भगवत दयाल के नाम पर ही सबसे बड़े अंतर से जीत का रिकॉर्ड है। 1977 के चुनाव में 276836 यानी कुल वोट के 66.57 प्रतिशत मतों से जीते थे। वहीं 1998 के चुनाव में भजन लाल महज 06.53 प्रतिशत यानी 52061 वोटों से जीते थे। 2019 के चुनाव में सांसद बने संजय भाटिया भी भगवतदयाल से वोट तो काफी ज्यादा ले गए थे पर जीत का अंतर 50.40 प्रतिशत ही रहा था। मनोहर लाल की जीत 17.28 प्रतिशत यानी 232577 वोट के अंतर से हुई है।
लगातार तीसरे पंजाबी सांसद मनोहर लाल
करनाल सीट पर अब तक हुए 18 लोकसभा चुनावों में 12 बार ब्राह्मण नेता ही जीत दर्ज कर पाए हैं। शुरुआत से लेकर 2009 तक यह सीट ब्राह्मणों के वर्चस्व वाली मानी गई है। 2014 से लेकर अब तक मनोहर लाल लगातार ऐसे तीसरे सांसद हैं, जो पंजाबी समुदाय से आते हैं। 2014 में अश्वनी चौपड़ा और 2019 में संजय भाटिया चुनाव जीत चुके हैं। जबकि ब्राह्मणों में स्वामी रामेश्वरानंद, माधो राम शर्मा (दो बार), भगवत दयाल शर्मा, चिरंजीलाल शर्मा (चार बार), आईडी स्वामी (दो बार) और अरविंद शर्मा (दो बार) सांसद बने।