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Karnal News: पिता की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होती तो बच सकती थी मनीषा की जान

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151....भारती
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- युवतियां बोलीं- पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल, ऐसे अपराधों पर लगाम लगाना जरूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भिवानी की 19 वर्षीय अध्यापिका मनीषा की निर्मम हत्या के बाद महिलाओं में आक्रोश है। कॉलेज और ऑफिस जाने वाली युवतियों ने भी इस वारदात पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। युवतियों का कहना है कि ऐसी वारदात होती रहीं तो जीना मुश्किल हो जाएगा। वह सड़क से लेकर कॉलेज कैंपस या फिर ऑफिस से लौटते समय सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं हैं। युवतियों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
शर्मनाक है यह वारदात
बीए की छात्रा भारती ने बताया कि जब से मनीषा हत्याकांड सामने आया है, डर महसूस हो रहा है। यह शर्मनाक है कि देश में महिलाओं के साथ वारदात बढ़ रहे हैं। इसके अलावा एक लड़की होने पर रोजाना कई संघर्ष करने पड़ते हैं। कई बार बसों में अधिक भीड़ होती है जिसमें लड़के गलत तरीके से छूने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दिया जाए।
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ड्यूटी से शाम को घर आने में लगता है डर
अकाउंटेंट शिखा ने बताया कि घर से निकलकर नौकरी करना या पढ़ने के लिए जाना अब डर लगता है, क्योंकि प्रशासन और कानूनी प्रक्रिया ढीली होने के कारण अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लड़कियां स्वयं को कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं हैं। हर दिन आते-जाते शरारती गलत टिप्पणियां करते हैं, यात्रा करने पर भीड़ का फायदा उठाकर गलत स्पर्श करते हैं जो कि कहीं न कहीं अपराध हैं।

लड़कियों के आत्मनिर्भर बनने की राह में रोड़ा
छात्रा शालू ने बताया कि वह गांव से रोजाना काॅलेज आती हैं। ऐसे मामलों को देखकर माता-पिता में भी डर बैठ गया है जिससे लड़कियों की शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने की राह में काफी मुश्किलें आती हैं। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की काफी अहम भूमिका होती है सुरक्षा की। यदि पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती तो शायद वह बच सकती थी।

कानून व्यवस्था की जाए सख्त
छात्रा यशिका ने बताया कि महिलाओं के साथ हर साल कोई न कोई बड़ा अपराध देखने को मिलता है। एक लड़की होने पर डर महसूस होने लगा है कि घर से निकल कर पढ़ने जाना या ऑफिस जाना कितना खतरनाक होता जा रहा है। हमारे देश में कानूनी प्रक्रिया बहुत लंबी है जिसके चलते अपराध करने वाले खुलेआम अपराध करते जा रहे हैं।
शिकायत पर की जानी चाहिए तुरंत जांच
छात्रा निलाक्षी ने बताया कि हर दिन देखा जा रहा है कि लड़कियों की फेक फोटो, वीडियो बनाकर उन्हें तंग किया जाता है। उन पर गलत टिप्पणियां की जाती हैं, यदि किसी लड़की ने लड़के को रिश्ते से मना कर दिया जाता है तो लड़कों की ओर से परेशान किया जाता है। ऐसे में हर घटना के बाद मोमबत्तियां जलाई जाती हैं। धरने दिए जाते हैं लेकिन अपराधियों को सजा तक नहीं मिलती।
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महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी गलत
टेलीकाॅलर की नौकरी करने वाली निशु ने बताया कि देश में ऐसे अपराधों के लिए सख्त कानून होने चाहिए। यदि कानून सख्त होगा तो लड़कियां ऐसे अपराधों से बच सकेंगी। अक्सर देखा जाता है कि महिलाओं के कपड़ों को लेकर उन्हें ही गलत ठहरा दिया जाता है। इसलिए सोच बदलना जरूरी है। अपराधियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी वारदात न हो।

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