माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गेहूं की आवक तेज होने से जिले भर की अनाज मंडियां गेहूं से अट गई हैं। उठान न होने के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं। करनाल मंडी की स्थिति यह है कि बुधवार को मंडी में प्रवेश के लिए गेट से लेकर हाईवे की सर्विस लेन पर दो किलोमीटर तक लंबी कतार रही।
मंडी के अंदर भी अव्यवस्था रही। उठान के लिए लदे ट्रकों के गेट पास भी नहीं कटे, ऐसे में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस भी तैनात करनी पड़ी। सुबह के समय थोड़ी देर के लिए पोर्टल की भी दिक्कत आई, इससे प्रवेश के लिए भी गेट पास नहीं कट पाए। जिले की सभी मंडियों में कुल आवक की 59 प्रतिशत तक खरीद हुई है लेकिन उठान इसका आधा भी नहीं हो पाया हैै।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि सभी मंडियों में करीब 5.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। इसमें से 310496 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। खाद्य आपूर्ति विभाग ने 123195, हैफेड ने 145726 और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 41575 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। गेहूं की फसल की बिक्री के दौरान किसानों की समस्या के त्वरित समाधान के लिए जिला राजस्व कार्यालय (डीआरओ) में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जहां के हेल्पलाइन नंबर 0184-2267271 व 0184-2980735 पर कॉल करके सुबह 6 से रात 8 बजे तक मदद ले सकते हैं।
आढ़तियों से बोले डीसी, इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाकर प्रमाणपत्र दें
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने निसिंग मंडी का दौरा कर गेहूं खरीद, उठान और गेटपास प्रणाली का जायजा लिया। ढेरियों पर नमी मापक यंत्र से नमी की जांच करवाई। इसके साथ ही उन्होंने गेट पास व बायोमेट्रिक प्रक्रिया का भी जायजा लिया। मंडी में इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाने और इससे संबंधित प्रमाणपत्र देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की फसल की समय पर खरीद, उठान और भुगतान सुनिश्चित करना है। एडीसी डॉ राहुल रईया, सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, डीएफएससी मुकेश कुमार मौजूद रहे। ब्यूरो
सड़क पर गेहूं, रास्ते बंद, बारदाने की कमी
अनाज मंडी में उठान सुस्त होने के कारण कट्टे व ढेरियों की संख्या बढ़ने से रास्ते तक बंद हो गए हैं। खरीदे गेहूं के लिए आढ़तियों को बारदाना कम मिला है। कुलदीप बब्बर, सोनू, सोमपाल, नीटू, हरदीप सिंह, पवन कुमार, रिंकू, ईशम सिंह, नरेंद्र, रोशन लाल सहित अन्य किसानों का आरोप है कि गेंहू की बेकद्री हो रही है और किसी भी समय पोर्टल बंद हो जाता है। गेटपास के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। डीएफएससी निरीक्षक संदीप कुमार नेे बताया कि 2.85 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा है। इसे हेमदा प्लेटी में लगाया जाएगा। हैफेड निरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि खरीदे 3.32 लाख क्विंटल गेहूं में से 50 हजार क्विंटल का उठान हुआ है। संवाद
17 में से महज छह गाड़ियां ही कर रही उठान
अनाज मंडी में गेहूं उठान न होने के कारण आढ़ती व किसान परेशान हैं। मंडी में जगह न होने से किसानों को गेहूं डालने में भी दिक्कत आने लगी है। प्रधान मनीष जग्गा का कहना है कि पॉइंट कम होने के कारण गेहूं नहीं उठाया जा रहा। ट्रांसपोर्टर भी फोन नहीं उठा रहा। कुल आवक का 10 प्रतिशत ही उठान हुआ है। हर रोज 17 गाड़ी आना तय हैं लेकिन छह ही आती हैं। संवाद
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लापरवाही से मंडियों के हालात खराब : यूनियन
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मैहला का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही से मंडियों में गेहूं के ढेर लगे हैं। मुख्यमंत्री सहित सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने दावे किए थे कि खरीद सुचारू रूप से की जाएगी। 72 घंटों के भीतर किसानों को उसकी फसल की पेमेंट का भुगतान किया जाएगा। अधिकारी सरकार के आदेशों का पालन नहीं कर रहे।