फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: स्कूल के लिए छह किमी पैदल चलने के लिए मजबूर मंचूरी के बच्चे, सरकार से लगाई बस की गुहार

Thu, 05 Feb 2026 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
असंध  शेखुपुरा से मंचूरी के लिए पैदल जाते विद्यार्थी। संवाद
विज्ञापन
असंध। असंध के मंचूरी गांव के स्कूली छात्र-छात्राओं ने स्कूल अपग्रेड करने या बसों के ठहराव की मांग करते हुए बुधवार को प्रदर्शन किया। बच्चों का कहना था कि उन्हें प्रतिदिन स्कूल आने-जाने के लिए करीब 6 किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ता है। उनके लिए बस की व्यवस्था की जाए। मार्ग से गुजरने वाली बसें स्कूल समय पर नहीं आती-जाती हैं।
विज्ञापन

बुधवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद पैदल स्कूल से घर जाते बच्चों और उनके परिजन ने नारेबाजी की। कहा कि ठंड, बारिश और तेज गर्मी में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं का पैदल चलना बेहद असुरक्षित है। कई बार दृश्यता इतनी कम होती है कि दो कदम आगे भी कुछ नजर नहीं आता। छात्राओं और उनके परिजन ने बताया कि 4 वर्ष पहले भी उन्होंने पैदल उपायुक्त करनाल तक पहुंचने का संकल्प लेकर संघर्ष किया था। तब मंचूरी स्कूल में अध्यापकों की संख्या बढ़ाने का वादा किया गया था। वह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। बच्चों को उच्च कक्षाओं के लिए मंचूरी गांव से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शेखुपुरा तक 3 किलोमीटर एक तरफ पैदल जाना पड़ता है।
बसें नहीं रुकतीं

उन्होंने आरोप लगाया कि स्टॉप पर बसें नहीं रुकतीं। घंटों इंतजार करना पड़ता है। मजबूरन पैदल ही सफर करना पड़ता है। कभी-कभार निजी बस रुक भी जाए तो बस संचालकों और सह-चालकों का व्यवहार अपमानजनक होता है। उन्होंने मांग रखी कि या तो मंचूरी स्कूल को 10+2 तक अपग्रेड किया जाए, या हरियाणा रोडवेज व निजी बसों को स्कूल समय पर अनिवार्य रूप से रोकने के सख्त आदेश जारी किए जाएं। 3 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना और तीन किमी तय कर लौटने के बाद इतने थक जाते हैं कि पढ़ नहीं पाते।
विज्ञापन

पैदल यात्रा बच्चों के लिए खतरनाक- सरपंच
मंचूरी गांव के सरपंच जतिंद्र कश्यप ने बताया कि कड़े संघर्ष के बाद गांव के माध्यमिक विद्यालय स्थापित हुआ और अध्यापकों की नियुक्ति करवाई गई। लेकिन आज भी मुख्याध्यापक सहित क्लास 4 का एक भी कर्मचारी नियुक्त नहीं है। अब उच्च कक्षाओं के लिए बच्चों को 6 किलोमीटर का आने-जाने का सफर पैदल तय करना पड़ता है, जो धुंध, बारिश और लू में बेहद खतरनाक है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें