आदमी को खा रहा है आदमी... कविता से बांधा समां
करनाल। कारवान-ए-अदब शायरों की अदबी संस्था करनाल की ओर से मासिक साहित्यिक कार्यक्रम सेक्टर-8 के जिम खाना क्लब में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शायरों ने अपनी शायरी से समां बांध दिया। कवि नरेंद्र कत्याल ने कहा कि आदमी को खा रहा है आदमी, इसलिए घटता जा रहा है आदमी। मुख्य अतिथि रमेश विकास ने अपनी शायरी से महफिल में जान भर दी। उन्होंने कहा कि अंजाम को उसको नहीं है खबर देख रहा हूं, मैं रस्ते में खड़ा बूढ़ा शजर देख रहा हूं। विशिष्ट अतिथि शायर इकबाल ने कहा कि मुझपे दुनिया ने की लाख ताना जनी, होश आया मगर चोट खाने के बाद। कवि प्रेम पाल सागर, भारत भूषण वर्मा, डॉ़ कमर रईस, दलीप खरेरा, रामेश्वर देव आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। संवाद