- स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं चला रहीं कैंटीन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ग्रामीण महिलाएं आजीविका चलाने के लिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ये महिलाएं खाना बनाने समेत अन्य हुनर सीखकर सशक्त बन रही हैं। प्रशिक्षण लेने के बाद ये स्वयं की कैंटीन संचालित कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं को विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया गया जिसमें भोजन बनाने के साथ-साथ, सफाई, पोषण संतुलन और वितरण संबंधित जानकारी दी जाती है। वर्तमान में महिलाएं सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ब्लॉक ऑफिस, अस्पतालों और अन्य संस्थानों में कैंटीन संचालित कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि अगर मन में कुछ करने की ठान लें तो सफलता जरूर हासिल होगाी।
फुरलक गांव की मीना ने बताया कि वह छह साल से कैंटीन चला कर खाना बनाने का काम कर रही हैं। कुछ साल पहले सोचा नहीं था कि घर से निकल काम कर सकेंगे लेकिन समूह से जुड़ने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा। पहले सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण बाहर निकलना मुश्किल होता था लेकिन बदलते दौर और बदलती सोच के साथ ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी में बदलाव आए हैं। मीना ने बताया कि वह कैंटीन में 10 रुपये की थाली बनाकर लोगों को खिलाती हैं। हर महिला को आत्मनिर्भर बनना चाहिए ताकि मुश्किल वक्त में किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े।
भूसली गांव निवासी शिक्षा ने बताया कि वह वर्तमान में लघु सचिवालय में कैंटीन चला रही हैं। कैंटीन में चाय और अन्य खाने की चीजें बेच कर आजीविका चला रही हैं। उन्होंने बताया कि कैंटीन में हर प्रकार का खाना बनाया जाता है जिसमें ग्राहक को घर के खाने की कमी महसूस नहीं होती है। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़कर सबसे पहले बैंकों में लेनदेन करना सीखा जिसके बाद खाना बनाने का प्रशिक्षण लेकर कैंटीन संचालित कर रोजगार की शुरुआत की।