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Karnal News: धमकी के 24 घंटे बाद भी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा में बड़ी खामियां

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अंबाला। कैंट रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी के 24 घंटे बाद भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। शुक्रवार को पहले की तरह न तो मुख्य गेट पर कोई संतरी था और न ही टीम स्टेशन और प्लेटफाॅर्म पर गश्त कर रही थी। हालांकि, अनारक्षित टिकट केंद्र पर लगेज स्कैनर के पास एक मात्र खड़ी आरपीएफ की महिला कर्मचारी मेटल डिटेक्टर से यात्रियों के सामान की जांच करती नजर आई। दूसरी ओर, सैकड़ों लोग बिना जांच के ही प्लेटफाॅर्म परिसर में दाखिल होते दिखाई दिए। रेलवे के टीटीई मुख्य गेट पर टिकटों की चेकिंग करते नजर आए। यह स्थिति तब थी जब आरपीएफ आईजी भी आए और सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश देते हुए गए।
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पार्सलों की जांच नहीं

यात्री पार्सल कार्यालय से ही आवागमन करते नजर आए। परिसर में ही दोपहिया और चोपहिया वाहन खड़े नजर आए। स्टेशन चारों तरफ से खुला हुआ है। इस कारण यहां शराबी, कंगलों व अन्य शरारती तत्वों का जमावड़ा रहता है। वहीं कुछ दिन पहले जीआरपी के नवनियुक्त एसपी राजेश कालिया ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। बावजूद इसके ठोस कार्रवाई नहीं की गई।



ऑटोमेटिक स्कैनिंग मशीन बंद

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर ऑटोमेटिक लगेज स्कैनिंग मशीन लगाई हुई है, मगर यह तीन महीने से बंद पड़ी है। बताया जा रहा है कि जिस कंपनी से अनुबंध किया था वह खत्म हो गया है। ऐसे में अगर किसी को आपत्तिजनक वस्तु के साथ स्टेशन में दाखिल होना है तो वह कहीं से भी घुस सकता है। यहां उसे चेकिंग के लिए आने की आवश्यकता ही नहीं है।
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एक जैसी लिखावट



वीरवार को जगाधरी स्टेशन मास्टर को पत्र मिला था। इसमें जगाधरी, अंबाला सहित हरियाणा व देश के अन्य रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी दी थी। खुफिया एजेंसियों ने जब इस पत्र का मिलान पूर्व में आए पत्रों से किया तो लिखाई एक जैसी नजर आई। पेपर भी पुराना ही इस्तेमाल किया हुआ था। अब इस लिखाई को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।



उत्तर रेलवे मुख्यालय से जारी पत्र



रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस में आरपीएफ मुख्यालय की तरफ से 26 अक्तूबर को एक पत्र भी जारी किया गया है। वहीं आरपीएफ को निर्देश दिए गए हैं कि वो अंबाला पुलिस, जीआरपी व अन्य खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर योजना तैयार करें, ताकि रेलवे स्टेशन पर चूक की कोई भी गुंजाइश न रहे।







अंबाला पहुंचते ही सबसे पहले आरपीएफ कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वो स्टेशन और ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से चौकस रहें। अगर कहीं कुछ होता है तो तुरंत इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दें। कर्मचारियों की कमी हर जगह है और प्रत्येक यात्री पर सुरक्षा कर्मचारी को नहीं लगाया जा सकता। इसलिए यात्रियों का भी यह फर्ज बनता है कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु व व्यक्ति नजर आए तो इसकी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस कर्मचारी को दें। सुरक्षा को लेकर जीआरपी का सहयोग लगातार लिया जा रहा है।
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-एन मिश्रा, आईजी आरपीएफ।
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