श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बैठी महिला भक्त: स्वयं
- श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। मथुरा नगरी स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में चौथे दिन श्रीमद्भागवत कथा की शुरूआत हुई। कथा व्यास स्वामी अनुभवानंद गिरि महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म एवं नन्दोत्सव की कथाओं का वर्णन किया। साथ ही गजेंद्र मोक्ष उद्धार, वामन अवतार, राम अवतार का भी वर्णन किया।
डाॅ. स्वामी अनुभवानंद गिरि ने गजेंद्र मोक्ष की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जब जीव संसार रूपी दलदल में फंस जाता है और सभी सांसारिक सहारे समाप्त हो जाते हैं, तब केवल ईश्वर का स्मरण ही उसे मुक्ति प्रदान करता है। गजेंद्र की करुण पुकार सुनकर भगवान विष्णु का तत्काल उसकी रक्षा के लिए पहुंचना इस बात का प्रतीक है कि सच्चे भक्त की पुकार भगवान अवश्य सुनते हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य को धैर्य और भगवान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। कथा में भगवान श्रीकृष्ण के कारागार में जन्म लेने व वासुदेव द्वारा उन्हें गोकुल पहुंचाने की कथा सुनानी प्रारंभ की, पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। भजन मंडली द्वारा जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी.. भजन का गायन किया गया।
श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बैठी महिला भक्त: स्वयं