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महंत की संदिग्ध हालात में मौत, हत्या की आशंका

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निगदू के गांव बीड़-बड़ालवा स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर के संचालक व महंत ओंकार पुरी (50 वर्षीय) की बंद कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महंत के कमरे में आग लगी थी और उनका आधा शरीर आग की चपेट में भी आ गया था। अन्य महंत ने हत्या की आशंका जताई है लेकिन पुलिस का कहना है कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। बता दें कि मंदिर में महंत ओंकार पुरी के साथ बाबा गोकुल पुरी भी रहते थे। शुक्रवार को बाबा गोकुल पुरी मंदिर की गाड़ी लेकर सुबह 7 बजे के करीब जींद जिले के नरवाना में किसी मंदिर में भंडारे में शामिल होने के लिए चले गए। उसके बाद मंदिर में पशुओं की देखरेख करने व रसोई का काम करने वाले व्यक्ति मंदिर में मौजूद थे। रसोई को संभालने वाले का कहना है कि वह सुबह साढ़े 10 बजे के करीब चाय लेकर महंत ओंकार पुरी को देने के लिए ऊपर बने कमरे में गया। उसका कहना था कि ऊपर जाने के बाद सीढ़ियों का दरवाजा बाहर से बंद था काफी आवाज लगाने के बाद दरवाजा नहीं खुला तो वह नीचे आ गया। उसके बाद पशुओं की देखरेख करने वाले व्यक्तियों ने ऊपर कमरे से धुआं आता दिखाई दिया जिसमें महंत ओंकार पुरी सो रहे थे। कमरे से धुआं आने की सूचना थाना निगदू में दी गई। सूचना मिलते ही दो पुलिस कर्मी मंदिर में पहुंचे। जहां कमरे की छत पर सीढ़ी लगाकर चढ़ गया। जहां देखा कि महंत ओंकार पुरी कमरे में बिस्तर पर सो रहे थे। उनका एक हिस्सा आग की चपेट में आ गया। पुलिस कर्मियों ने पानी की सहायता से आग पर काबू पाया। इस दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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महंत की मौत नहीं हत्या की है : बाबा लदाना
मौके पर महंतों के महाराज बाबा लदाना के महंत भोजपुरी पहुंचे। महंत भोजपुरी ने बताया कि ओंकार पुरी की मौत नहीं हुई बल्कि मर्डर किया गया है। जिस पर डीएसपी रणधीर सिंह ने कहा कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी।
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